Haryana Weather: मानसून सुस्त होते ही उमस से उबले हरियाणा के 10 जिले, किसानों के लिए मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट

मानसून सुस्त होते ही उमस से उबले हरियाणा के 10 जिले
Haryana Weather: हरियाणा में मानसूनी बादलों की बेरुखी और पश्चिमी हवाओं की दस्तक ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया है। आसमान साफ होते ही खिली कड़क धूप के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में अचानक उछाल देखा जा रहा है। आलम यह है कि प्रदेश का औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया है, जिससे लोग सितंबर की तीखी गर्मी और उमस से बेहाल हैं।
हिसार 38.3 डिग्री के साथ सबसे गर्म, गुरुग्राम की रातें रहीं सबसे ठंडी
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 10 से अधिक प्रमुख शहरों में दिन का पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। बीते 24 घंटों में 38.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ हिसार पूरे प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया।
इसके अलावा रोहतक में 36.4°C, सिरसा व चरखी दादरी में 36.0°C, गुरुग्राम में 35.6°C और भिवानी में 35.5°C पारा रिकॉर्ड हुआ। हालांकि, रात के तापमान में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं है। गुरुग्राम में न्यूनतम पारा 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था, जबकि नूंह और सिरसा में रात का तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कपास और धान की फसल पर कीटों का खतरा, सिंचाई रोकने की सलाह
तापमान में बढ़ोतरी और हवा में घुली नमी (उमस) के इस गठजोड़ को कृषि विशेषज्ञ फसलों के लिए चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस माहौल में कपास की फसल पर सफेद मक्खी, चेपा और गुलाबी सुंडी का हमला बढ़ सकता है। यदि कीटों का हमला नुकसान के स्तर को पार करे, तो किसानों को साफ मौसम में फ्लोनिकामिड या अफिडोपायरोपेन जैसी सिफारिश की गई दवाओं के छिड़काव की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, धान के खेतों में ‘जड़ घुन’ (Root Mite) के प्रकोप पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना को देखते हुए खड़ी फसलों में फिलहाल सिंचाई रोक दें। साथ ही धान में यूरिया का इस्तेमाल केवल शाम के वक्त करें और इसे किसी कीटनाशक के साथ मिलाकर न डालें।
पशुधन और पोल्ट्री शेड के लिए भी दिए गए खास निर्देश
बदलते मौसम की मार सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि मवेशियों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। उमस भरे इस माहौल में पशुओं को शारीरिक तनाव (Heat Stress) से बचाने के लिए पशुपालकों को शेड में वेंटिलेशन और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पशुओं को हमेशा ताजा व साफ पीने का पानी उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही उनकी दैनिक खुराक में 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और मिनरल मिक्सचर (खनिज मिश्रण) मिलाना न भूलें, ताकि इस उमस भरे मौसम में दूध उत्पादन और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित न हो।
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