CM Bhagwant Mann आज Employee Unions के साथ करेंगे बैठक, गतिरोध खत्म होने के आसार
CM Bhagwant Mann आज Employee Unions के साथ करेंगे बैठक, गतिरोध खत्म होने के आसार
CM Bhagwant Mann | Employee Unions : पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच पिछले काफी समय से चला आ रहा तल्ख माहौल आज बदल सकता है। CM Bhagwant Mann ने कर्मचारी संगठनों के कड़े तेवरों और संभावित विरोध प्रदर्शनों के बीच आज सुबह 11 बजे अपने सरकारी आवास पर यूनियनों के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। इस उच्च स्तरीय बैठक से दोनों पक्षों के बीच चल रहे गतिरोध के टूटने की उम्मीद बंध गई है।
टकराव टालने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
पंजाब के सरकारी महकमों में पिछले कुछ महीनों से सुलगती नाराजगी अब सीधे प्रशासनिक मोर्चे पर आमने-सामने की स्थिति में पहुंच गई थी। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और बकाया डीए को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
हालात की नजाकत को भांपते हुए CM Bhagwant Mann ने खुद पहल की है और कर्मचारियों की ‘संयुक्त समन्वय समिति’ के नुमाइंदों को बातचीत के लिए टेबल पर बुलाया है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगर आज बात बन जाती है, तो राज्य भर में प्रशासनिक और सड़क पर होने वाले आंदोलनों का सिलसिला थम सकता है।
मंत्रियों के घेराव की चेतावनी के बाद हरकत में आया प्रशासन
कर्मचारी यूनियनों की तरफ से अपनी मांगों को मनवाने के लिए पहले ही आक्रामक रणनीति तैयार कर ली गई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार, कर्मचारियों ने आने वाले दिनों में पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवासों का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया था।
इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमले और सरकार पर दबाव साफ तौर पर बढ़ गया था। यही वजह है कि टकराव के रास्ते को छोड़कर सरकार ने संवाद का रास्ता चुना है ताकि किसी भी तरह की असहज स्थिति से बचा जा सके और कर्मचारियों के गुस्से को बातचीत के जरिए शांत किया जा सके।
क्या निकलेगा डीए विवाद का कोई ठोस समाधान?
कर्मचारियों की मुख्य नाराजगी लंबे समय से रुके पड़े महंगाई भत्ते (डीए) और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसे कई नीतिगत मामलों को लेकर है। यूनियन नेताओं का साफ कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी फाइलों परवान नहीं चढ़ रही हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आज होने वाली इस बैठक में जब CM Bhagwant Mann खुद मौजूद रहेंगे, तो मुलाजिम नेताओं को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक घोषणा हो सकती है। अब सबकी निगाहें सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं कि क्या सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या संघर्ष का दायरा और बढ़ेगा।
