Kaithal News: कैथल में अफसरों से ‘सेटिंग’ के नाम पर 17 लाख का फर्जीवाड़ा, आईजी के सुरक्षा एजेंट समेत 3 पर FIR
कैथल में अफसरों से 'सेटिंग' के नाम पर 17 लाख का फर्जीवाड़ा, आईजी के सुरक्षा एजेंट समेत 3 पर FIR
Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के प्लॉट की ई-नीलामी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोपियों ने अधिकारियों से पहुंच और ‘सेटिंग’ का हवाला देकर पीड़ित को बाजार भाव से कम दाम में प्लॉट दिलाने का झांसा दिया था। कैथल की सिटी थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आईजी करनाल रेंज के सिक्योरिटी एजेंट पुलिसकर्मी मदनलाल, उसके बेटे अजय और साथी कपिल शर्मा के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
1.79 करोड़ के प्लॉट में 25% हिस्सेदारी का दिखाया सपना
कैथल निवासी पीड़ित अमित सिकरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी मदनलाल उनका पड़ोसी है और उनके पिता से पारिवारिक संबंध होने के कारण उन पर गहरा भरोसा था। मदनलाल ने अमित को बताया कि वह कपिल शर्मा के साथ मिलकर प्रॉपर्टी का काम करता है और सेक्टर-21 में आने वाले आठ प्लॉटों को वह अपनी सेटिंग के जरिए कम कीमत पर अलॉट करवा सकता है।
झांसे में आकर अमित सिकरी प्लॉट नंबर 1373 की ई-नीलामी में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने को तैयार हो गए। नीलामी प्रक्रिया में यह प्लॉट 1 करोड़ 79 लाख 96 हजार रुपये में छूटा। इसके बाद अलॉटमेंट और 10 फीसदी राशि जमा कराने के नाम पर किश्तों में ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 17 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए गए।
पंचकूला हुडा दफ्तर से खुली फर्जी रसीद की पोल
ठगी का यह पूरा खेल जून 2026 में तब बेनकाब हुआ जब शिकायतकर्ताओं ने खुद हुडा (HSVP) दफ्तर जाकर स्टेटस चेक किया। वहां पता चला कि नियमानुसार 15 प्रतिशत की राशि जमा ही नहीं की गई थी। जब मदनलाल से इस बारे में जवाब मांगा गया तो उसने 26.99 लाख रुपये की एक रसीद थमा दी।
शंका होने पर पीड़ित ने जब पंचकूला स्थित हुडा के मुख्य कार्यालय से इस रसीद का सत्यापन कराया, तो पता चला कि विभाग द्वारा ऐसी कोई रसीद कभी जारी ही नहीं की गई थी। यानी पीड़ित को झांसे में रखने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
पैसे मांगे तो दी केस में फंसाने की धमकी, पहले भी लगे हैं आरोप
जाली रसीद का सच सामने आने के बाद जब पीड़ितों ने अपने 17 लाख रुपये वापस मांगे, तो आरोपी पहले 45 दिनों में रकम लौटाने का दिलासा देते रहे। आरोप है कि बाद में मदनलाल ने अपने पुलिस विभाग के पद का रौब दिखाते हुए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और पीड़ित को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
बता दें कि आरोपी मदनलाल का विवादों से पुराना नाता रहा है। उस पर वर्ष 2017 में भी रेलवे और सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर दो भाइयों से 8.90 लाख रुपये ठगने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। कैथल के डीएसपी रमेश चंद्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की एक विशेष टीम मामले के तकनीकी व वित्तीय साक्ष्यों को खंगाल रही है।
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