Chandigarh Model Jail: मॉडल जेल में बनेंगे नए बैरक और प्रशासनिक ब्लॉक, CCTV से लेकर फायर सिस्टम तक होगा इंतजाम
चंडीगढ़ मॉडल जेल में ₹26.73 करोड़ से नई बैरकें
Chandigarh Model Jail: चंडीगढ़ मॉडल जेल में कैदियों की बढ़ती आवास जरूरत और जेल प्रशासन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 26.73 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत अतिरिक्त बैरकों के साथ प्रशासन, सुरक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद मॉडल जेल में 552 कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास उपलब्ध हो सकेगा। निर्माण कार्य को 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई परियोजना में ग्राउंड प्लस दो मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा वॉच टावर के साथ सेंट्रल प्रशासनिक ब्लॉक भी तैयार होगा, जिससे जेल के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को ज्यादा व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तीन संतरी पोस्ट और चारदीवारी का निर्माण भी परियोजना में शामिल है। जेल परिसर में आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए आंतरिक सड़कें और पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
CCTV और फायर सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा
मॉडल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से भी मजबूत किया जाएगा। परियोजना के तहत CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे जेल परिसर के अलग-अलग हिस्सों की निगरानी की जा सकेगी। नई सुविधाओं में LAN कनेक्टिविटी के साथ फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाया जाएगा। इमारतों में आवाजाही को आसान बनाने के लिए लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जलापूर्ति, सीवरेज और जन-स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को भी परियोजना में शामिल किया गया है।
इस परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास तैयार करना है। नई बैरकों के साथ आवासीय ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा, जिससे जेल की मौजूदा आवास क्षमता पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य केवल अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि जेल की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को भी एक साथ मजबूत करना है। नई सुविधाओं के जरिए बढ़ती जरूरतों के हिसाब से मॉडल जेल के बुनियादी ढांचे को तैयार किया जाएगा।
फैक्ट्री शेड में कैदियों को मिलेगा प्रशिक्षण
परियोजना में कैदियों के लिए एक फैक्ट्री शेड भी बनाया जाएगा। यहां उन्हें अलग-अलग कामों का प्रशिक्षण देने के साथ सुधार और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। प्रशासन के मुताबिक प्रशिक्षण का उद्देश्य कैदियों को उपयोगी कौशल से जोड़ना और उन्हें सामान्य जीवन में वापस लौटने के लिए तैयार करना है। इस तरह नई परियोजना में आवास और सुरक्षा के साथ कैदियों के सुधार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया गया है।
26.73 करोड़ रुपये की पूरी परियोजना में आवासीय सुविधाओं के साथ प्रशासनिक ब्लॉक, सुरक्षा ढांचा, सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति, सीवरेज और तकनीकी सुरक्षा प्रणालियां विकसित की जाएंगी। निर्माण पूरा होने के बाद मॉडल जेल की क्षमता और कामकाज को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने का लक्ष्य है।
