Sonipat News: सोनीपत में किसानों की हुंकार, गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग पर निकाली ट्रैक्टर यात्रा
सोनीपत में किसानों की हुंकार, गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग पर निकाली ट्रैक्टर यात्रा
Sonipat News: हरियाणा में गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य ( Sugarcane Price Haryana) और शुगर मिलों के कुप्रबंधन को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। सोमवार को सोनीपत में भारतीय किसान यूनियन (BKU Tikait Haryana) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। जाहरी चौक से शुरू हुई यह हुंकार यात्रा शहर के अलग-अलग हिस्सों से होती हुई मिनी सचिवालय पहुंची, जहां किसानों ने अपने ट्रैक्टर खड़े कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों का हल नहीं निकलता, वे यहां से हटने वाले नहीं हैं।
शहर के मुख्य बाजारों से गुजरी ट्रैक्टर यात्रा, लगा भारी जाम
सोमवार सुबह जाहरी चौक पर एकत्र हुए किसानों ने नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर यात्रा (Tractor Rally Sonipat) का आगाज किया। कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक जैसे व्यस्त इलाकों से होते हुए जब दर्जनों ट्रैक्टरों का काफिला गुजरा, तो शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जगह-जगह लगे लंबे ट्रैफिक जाम के चलते आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, किसान नेताओं का कहना था कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब सरकार ने उनकी सुध नहीं ली, तो उन्हें यह कड़ा रुख अख्तियार करने पर मजबूर होना पड़ा।
‘लागत बढ़ी पर दाम नहीं’, 600 रुपये क्विंटल भाव की मांग
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ किसान नेता वीरेंद्र पहल ने सीधे तौर पर प्रदेश सरकार और चीनी मिल प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों को गन्ने का भाव महज 415 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जबकि खाद, बीज, डीजल और कीटनाशकों के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। किसानों की स्पष्ट मांग है कि गन्ने का खरीद मूल्य कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। पहल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी दो बड़ी महापंचायतें हो चुकी हैं और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
सोनीपत शुगर मिल टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप, टल रही पेराई
भाकियू नेता ने सोनीपत कोऑपरेटिव शुगर मिल के चालू सीजन का टेंडर अब तक न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल अधिकारियों के स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार और खींचतान के कारण कोई भी कंपनी टेंडर (Sonipat Sugar Mill Tender Issue) लेने को तैयार नहीं हो रही है। टेंडर प्रक्रिया लटकने का सीधा असर गन्ने की फसल की कटाई और पेराई पर पड़ेगा, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान झेलना तय है। किसानों ने टेंडर में देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मिनी सचिवालय के बाहर मांगें पूरी होने तक डटे रहने की चेतावनी दी है।
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