HRERA TDI Infracorp Fine: हरेरा पंचकूला का टीडीआई इंफ्राकॉर्प पर बड़ा फैसला, खारिज की अर्जी, 90 दिन में भरने होंगे ₹19.10 लाख
हरेरा पंचकूला का टीडीआई इंफ्राकॉर्प पर बड़ा फैसला, खारिज की अर्जी, 90 दिन में भरने होंगे ₹19.10 लाख
HRERA TDI Infracorp Fine: हरियाणा में नियम-कायदों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा), पंचकूला ने रुख बेहद सख्त कर लिया है। हरेरा ने नामी बिल्डर कंपनी टीडीआई इंफ्राकॉर्प (इंडिया) लिमिटेड को तगड़ा झटका देते हुए उसकी जुर्माना माफी की अर्जी सिरे से खारिज कर दी है। (TDI Infracorp Penalty) प्राधिकरण ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कंपनी 90 दिनों के भीतर ₹17 लाख का मूल जुर्माना और उस पर बना ₹2,10,176 का ब्याज, यानी कुल ₹19,10,176 की राशि सरकारी खाते में जमा कराए।
यह पूरा मामला वर्ष 2022 का है, जब हरेरा पंचकूला ने टीडीआई इंफ्राकॉर्प के खिलाफ स्वप्रेरणा (TDI Infracorp QPR Report) से संज्ञान लेते हुए शिकायत दर्ज की थी। कंपनी अपने रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स की नियमानुसार अनिवार्य तिमाही प्रगति रिपोर्ट हरेरा पोर्टल पर अपलोड करने में लगातार कोताही बरत रही थी। लंबे समय तक वैधानिक चेतावनियों को नजरअंदाज करने के कारण अथॉरिटी ने बिल्डर पर ₹17 लाख का भारी-भरकम जुर्माना ठोका था।
सुनवाई के दौरान खुली बिल्डर की पोल, पीठ ने अर्जी की खारिज
मामले की सुनवाई करते हुए हरेरा सदस्य नदीम अख्तर, डॉ. गीता राठी सिंह और चंदर शेखर की पीठ ने 16 सितंबर 2026 को टीडीआई इंफ्राकॉर्प द्वारा दाखिल जुर्माना माफी और कटौती की अर्जी पर सुनवाई की। (HRERA strict action builders) पीठ ने कंपनी के तर्कों को पूरी तरह असंतोषजनक और लचर माना। सुनवाई के दौरान अथॉरिटी ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि नियमों के अनुपालन के लिए कंपनी को पर्याप्त समय और अवसर दिए जा चुके थे, लेकिन उसने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े रखा।
हरेरा की इस कार्रवाई से उन होमबायर्स को राहत मिलने की उम्मीद है जो अक्सर बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट्स की सही स्थिति छिपाने से परेशान रहते हैं। पोर्टल पर तिमाही रिपोर्ट दर्ज न होने से खरीदारों को प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति की जानकारी नहीं मिल पाती, जो RERA अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
90 दिन की समयसीमा, वरना होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
प्राधिकरण ने रेरा अधिनियम की धारा 37 एवं 34 के तहत कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि टीडीआई इंफ्राकॉर्प को आदेश जारी होने की तारीख से 90 दिनों के अंदर पूरी राशि जमा करानी होगी। (Haryana Builder News) यदि बिल्डर तय समयसीमा के भीतर यह रकम जमा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ रेरा नियमों के तहत आगे की दंडात्मक और वसूली की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
हरेरा के इस फैसले ने प्रदेशभर के उन तमाम रियल एस्टेट डेवलपर्स को कड़ा संदेश दिया है जो RERA के नियमों को हलके में लेते हैं। प्राधिकरण के इस कदम से साफ़ हो गया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में किसी भी बड़े बिल्डर को कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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