Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में ‘युवाओं के स्वास्थ्य की चुनौतियां और आधुनिक जीवनशैली’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित
Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में 'युवाओं के स्वास्थ्य की चुनौतियां और आधुनिक जीवनशैली' विषय पर संगोष्ठी आयोजित
Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में युवा रेड क्रॉस प्रकोष्ठ के सानिध्य और आरोग्य भारती हरियाणा के सौजन्य से “युवाओं के स्वास्थ्य की चुनौतियां और आधुनिक जीवनशैली” विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर बेमेल भोजन का सेवन कर रहा है, जिसके कारण युवा और पूरा समाज विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहा है। उन्होंने सभी युवाओं और समाज से विरुद्ध आहार का गहन अध्ययन करने तथा अपने शुद्ध देसी और लोकल आहार का सेवन करने का आह्वान किया।

आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान बन रहा है रोगों की जड़
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आरोग्य भारती के प्रांत सचिव योगीराज डॉ. यशपाल आर्य ने विद्यार्थियों को बताया कि आज संसार में रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अधिकांश रोगों की जड़ हमारी आधुनिक जीवनशैली है। उन्होंने तनाव जनित रोगों जैसे माइग्रेन, सर्वाइकल, अनिद्रा, भूलने की आदत, और अत्यधिक उग्र या भयभीत रहने की प्रवृत्ति से बचने के लिए सचेत किया।
उन्होंने सलाह दी कि हमें अपनी रसोई में सफेद नमक, चीनी, मैदा, रिफाइंड और एल्युमिनियम के बर्तनों का प्रयोग बंद कर देना चाहिए तथा बाजार के तले-भुने और मिलावटी सामान से परहेज करना चाहिए।
अस्पतालों में बढ़ती कतारें और नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय
लाइफ साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यपाल सूलोदिया ने कहा कि आज देश में बेहतरीन डॉक्टर, अच्छे अस्पताल और उत्कृष्ट उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद अस्पतालों में रोगियों की बढ़ती कतारें चिंतन का विषय हैं।
समाज में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि नशा स्वास्थ्य, धन और परिवार की शांति को नष्ट कर रहा है, जिससे अपराध भी बढ़ रहे हैं। इसके समाधान के रूप में उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को शुरू से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
प्रोफेसर डॉ. सतीश सैनी ने अपने संबोधन में रसोईघर और सिंक को स्वच्छ रखने, स्वच्छ जल पीने, घर के परिवेश में औषधीय पौधे लगाने और घर को पॉलिथीन मुक्त रखने का संदेश दिया। उन्होंने ऋतु के अनुसार भोजन करने और बेमेल खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी।
महाविद्यालय के प्रेस प्रवक्ता और यूथ रेडक्रॉस अधिकारी प्रो. डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में आरोग्य भारती के स्वच्छ जीवनशैली ब्रोशर का प्रमोशन किया गया तथा उपस्थित सभी विद्यार्थियों को उचित आहार-विहार, व्यवहार और नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संपूर्ण महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।
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