Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में भू-गर्भ शास्त्र विभाग द्वारा ‘नव आगमन प्रोग्राम 2026’ आयोजित
Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में भू-गर्भ शास्त्र विभाग द्वारा 'नव आगमन प्रोग्राम 2026' आयोजित
Narnaul : राजकीय महाविद्यालय नारनौल में भू गर्भ शास्त्र विभाग द्वारा नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए नव आगमन प्रोग्राम 2026 का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ कृष्ण कुमार ने भू-गर्भ शास्त्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत किया और कहा कि राजकीय महाविद्यालय नारनौल हरियाणा का एकमात्र ऐसा राजकीय महाविद्यालय है जहां भू-गर्भ शास्त्र विभाग में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र अध्ययन कर रहे हैं ।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता मौसम विशेषज्ञ और भूगोल विद प्रो डॉ चंद्र मोहन ने विधार्थियों को बताया कि आधुनिक युग में भू-गर्भ शास्त्र विषय की काफ़ी मांग है और भूगर्भ शास्त्र में करियर की असीम संभावनाएं है।
भूगोल विषय और भू-गर्भ शास्त्र दोनों ही पृथ्वी विज्ञान के विषय है राजकीय महाविद्यालय नारनौल का भू-गर्भ शास्त्र विभाग सबसे पुराना है और भू-गर्भ विभाग के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा विश्व के अनेकों देश में साथ-साथ देश की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे भारतीय भू सर्वेक्षण और नेचुरल गैस कॉरपोरेशन केंद्रीय बोर्ड और केंद्रीय खनन विभाग राज्य भू खनन,जल विज्ञानी, जलविद्युत परियोजनाओं में साथ ही साथ पेट्रोलियम कंपनियों में भू -आकृति विज्ञानी, के रूप में बड़े बड़े पदों पर विराजमान हैं।
भूगर्भ विषय में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं इसलिए छात्रों का रुझान भी इस विषय की ओर बढ़ रहा है। भू-गर्भ शास्त्र विषय के विधार्थियों ने पिछले सात दशकों से महाविद्यालय के साथ जिला महेंद्रगढ़ हीं नहीं बल्कि हरियाणा और हमारे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर सुर्खियां बटोरी है क्योंकि यहां के भू-गर्भ शास्त्र के विधार्थी विश्व के विकसित और विकासशील देशों में अपने अपने बहुआयामी विषय की बदोलत उच्च पदों पर आसीन हैं।
महाविद्यालय के भू-गर्भ शास्त्र विभागाध्यक्ष और सहायक प्राध्यापक डॉ जयपाल सिंह ने विभाग में साल भर होने वाली ऐक्टिविटीज और गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया उन्होंने भूगर्भ शास्त्र में कैरियर की संभावना के बारे में भी छात्रों को जागृत किया ।
भू-गर्भ शास्त्र विभाग के भू-वैज्ञानिक डॉ सोनू जागलान ने कहा कि छोटी-छोटी आदतें बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं इसलिए विद्यार्थियों को अपनी आदतों को अच्छा बनाने की कोशिश करनी चाहिए ।
विभाग में सहायक प्राध्यापक को डॉ सपना यादव ने कहा कि भू विज्ञान एक रुचिकर विषय है इसमें प्राकृतिक घटनाक्रमों को जानने का अवसर प्राप्त होता है तथा हम धरती पर धरती से मिलने वाले खनिज पदार्थ के स्रोतों का अध्ययन करते हैं इस कार्यक्रम में भू विभाग विषय की सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भाग लिया ।
अंत में भू-गर्भ शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह ने सभी स्टाफ सदस्यों और विधार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह भी देखें – नगर परिषद में विकास कार्यों के भुगतान से पहले पार्षद और वार्ड कमेटी के पांच सदस्यों के हस्ताक्षर होंगे अनिवार्य
