काशापाट पहुंचे CM सुक्खू, ग्रामीणों संग नाटी डाली; सड़क से स्कूल तक के लिए कई घोषणाएं
हिमाचल CM ने ग्रामीणों संग डाली नाटी
CM Sukhu Nati Dance: शिमला जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम इस बार सरकारी बैठक से अलग अंदाज में नजर आया। मुख्यमंत्री काशापाट क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और लोक वाद्ययंत्रों की धुन के बीच गांव का माहौल उत्सव जैसा हो गया। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रखा। वह ग्रामीणों के साथ नाटी में शामिल हुए और स्थानीय लोगों के बीच बैठकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी काशापाट की इस शाम को यादगार बताते हुए स्थानीय लोगों के स्नेह का जिक्र किया।
काशापाट जैसे दुर्गम इलाके में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्ययंत्रों के बीच स्वागत के बाद नाटी शुरू हुई तो मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ शामिल हो गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया और क्षेत्र की समस्याओं को सुना। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य भी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री और प्रशासन के सामने रखने का अवसर देना है। सुक्खू के 1 से 3 अक्टूबर तक रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र के दौरे में ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद का कार्यक्रम रखा गया था।
महिला मंडलों के लिए ₹5-₹5 लाख की घोषणा
काशापाट क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों के लिए ₹5-₹5 लाख देने की घोषणा की। इसके अलावा स्थानीय लोगों की सड़क संबंधी मांग पर चिंगवाड़ी सड़क के लिए ₹20 लाख देने की बात कही गई। बरशील पुल को मोटरेबल बनाने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री की ओर से दिया गया। पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए ₹5 लाख देने की घोषणा की गई। शिक्षा से जुड़ी मांग पर धमवाड़ी स्कूल को CBSE में शामिल करने की घोषणा भी की गई। इन घोषणाओं का सीधा संबंध ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने से है। सड़क और पुल से जुड़ी सुविधाएं बेहतर होने पर दुर्गम गांवों के लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ बागवानी और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे का एक प्रमुख हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि प्रवास भी रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत दिऊदी के प्रधान प्रशनलाल के घर रात्रि प्रवास किया। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए विशेष अवसर बताया। रात्रि प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन को करीब से समझने और लोगों के साथ अनौपचारिक बातचीत का अवसर लिया। स्थानीय लोगों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी जरूरतों से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए दिशा-निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने परोसे पहाड़ी व्यंजन
मुख्यमंत्री के रात्रि प्रवास के दौरान स्थानीय भोजन भी चर्चा में रहा। ग्रामीणों ने उन्हें हिमाचली पारंपरिक व्यंजन परोसे। उपलब्ध रिपोर्टों में फाफरा, कोदे की रोटी, लाल चावल और राजमा जैसे स्थानीय पकवानों का उल्लेख है। इस दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ ही बैठे और स्थानीय भोजन का स्वाद लिया। पहाड़ी भोजन और लोक संस्कृति के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामान्य प्रशासनिक दौरे से अलग माहौल दिया।
स्कूल भवन के लिए ₹2 करोड़ की घोषणा रामपुर के काशापाट कार्यक्रम में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के रोहड़ू दौरे के दौरान हुई। 1 अक्टूबर को रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, CBSE के विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान एक छात्रा ने नए स्कूल भवन की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर नए भवन के निर्माण के लिए ₹2 करोड़ देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भवन निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल के CBSE से जुड़ने के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने और कक्षाएं दो शिफ्ट में चलने की बात भी सामने आई थी।
रामपुर में 232.93 करोड़ की 28 परियोजनाएं
मुख्यमंत्री के रामपुर दौरे के दौरान क्षेत्र के लिए 232.93 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए गए। इनमें सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और सीवरेज से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने रामपुर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों का लाभ सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंचाना है। उन्होंने टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के लिए ₹36 करोड़ की मंजूरी और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर समझौता नहीं करने की बात भी कही।
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री का ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद करना इस दौरे का प्रमुख हिस्सा रहा। प्रशासनिक कार्यालयों में शिकायत देने के बजाय ग्रामीणों को सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी स्थानीय समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का मौका मिला। रामपुर और रोहड़ू के इस दौरे में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग गांवों में लोगों से बातचीत के साथ विकास योजनाओं की स्थिति भी जानी। अब स्थानीय लोगों की नजर इन घोषणाओं और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों पर है कि इनका क्रियान्वयन किस गति से होता है।
