Gill Raunta Joins SAD Waris Punjab : मशहूर पंजाबी गीतकार गिल रौंता ‘शिरोमणी अकाली दल (वारिस पंजाब)’ में शामिल
मशहूर पंजाबी गीतकार गिल रौंता 'शिरोमणी अकाली दल (वारिस पंजाब)' में शामिल
Gill Raunta Joins SAD Waris Punjab : पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले और पंजाबी संगीत जगत में अपनी साफ-सुथरी लेखनी के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर गीतकार Gill Raunta ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। पिछले कई दिनों से जारी चर्चाओं और अटकलों पर विराम लगाते हुए Gill Raunta शनिवार को औपचारिक रूप से ‘शिरोमणी अकाली दल (Waris Punjab)’ का हिस्सा बन गए।
उल्लेखनीय है कि बीते सितंबर महीने में जब Gill Raunta ने फरीदकोट से सांसद और पार्टी के प्रमुख नेता भाई सरबजीत सिंह खालसा से उनके आवास पर मुलाकात की थी, तभी से उनके पार्टी में शामिल होने के कयास तेज हो गए थे। आज चर्चाओं पर औपचारिक मुहर लग गई।
बापू तरसेम सिंह और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ग्रहण की सदस्यता
पार्टी के परंपरा के अनुसार, सांसद भाई अमृतपाल सिंह के पिता बापू तरसेम सिंह ने Gill Raunta को Waris Punjab दल में शामिल कराया। इस खास मौके पर फरीदकोट से सांसद भाई सरबजीत सिंह खालसा, दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य भाई सुखविंदर सिंह अगन समेत पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। Gill Raunta Joins SAD Waris Punjab
पार्टी में उनका स्वागत करते हुए बापू तरसेम सिंह ने कहा कि Gill Raunta अपनी कलम के जरिए सिख धर्म के सिद्धांतों और भाईचारगी का प्रचार-प्रसार करने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक अंधी दौड़ के बीच साफ-सुथरी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी शायरी लिखना ही उनकी असली पहचान है। उनके आने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।
रामपुरा फूल से चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी!
राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि ‘शिरोमणी अकाली दल (वारिस पंजाब)’ गिल रौंटा के सामाजिक प्रभाव और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें रामपुरा फूल विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है।
हालांकि, इस संबंध में पार्टी के नेताओं का कहना है कि उम्मीदवार का अंतिम फैसला संसदीय बोर्ड द्वारा समय आने पर ही लिया जाएगा। पंजाब की सियासत में सांस्कृतिक हस्तियों के कदम रखने की परंपरा पुरानी रही है, लेकिन मालवा अंचल के प्रभावशाली गीतकार गिल रौंटा के इस फैसले ने क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है।
