सेंसेक्स में 722 अंक तक उछाल: दिन के अंत में 473 अंक ऊपर बंद हुआ बाजार, निफ्टी भी चढ़ा
शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा
Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को थम गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की मजबूती के साथ 72,382.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत चढ़कर 22,555.75 अंक पर पहुंच गया। सोमवार के कारोबार में निवेशकों की धारणा को वैश्विक संकेतों से सहारा मिला। अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बाद यह संभावना कम हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति को और आक्रामक तरीके से सख्त करेगा। इससे उभरते बाजारों में निवेशकों के बीच जोखिम लेने की धारणा मजबूत हुई। सेंसेक्स में शुरुआत से ही मजबूती देखने को मिली। कारोबार के दौरान एक समय यह 722.23 अंक यानी करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 72,631.93 अंक तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली के कारण यह दिन के ऊपरी स्तर से नीचे आया, लेकिन अंत में आधे प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
आईटीसी, एयरटेल और रिलायंस समेत कई बड़े शेयर चढ़े
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सोमवार को खरीदारी का रुख देखने को मिला। आईटीसी, इटर्नल, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, इन्फोसिस और एशियन पेंट्स के शेयर दबाव में रहे। इससे साफ रहा कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी सेक्टर और कंपनियों में एक जैसी खरीदारी नहीं हुई।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि बाजार ने सोमवार को जोरदार वापसी की और हालिया गिरावट के रुख से राहत मिली। उनके मुताबिक वैश्विक संकेत अपेक्षाकृत अनुकूल रहे और कच्चे तेल की कीमतों में हाल के ऊंचे स्तर से कुछ नरमी आने से भी बाजार की धारणा को समर्थन मिला। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव सोमवार को 0.19 प्रतिशत बढ़कर 102.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि हाल के ऊंचे स्तर से कीमतों में नरमी ने निवेशकों को मुद्रास्फीति को लेकर कुछ राहत दी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से फेड की नीति पर नजर
अमेरिका से आए रोजगार के कमजोर आंकड़े सोमवार के कारोबार में बाजार के लिए एक प्रमुख सकारात्मक संकेत रहे। कमजोर रोजगार आंकड़ों से यह उम्मीद बनी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने से बच सकता है। अमेरिकी ब्याज दरों का असर दुनियाभर के वित्तीय बाजारों पर पड़ता है। अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखता है तो वैश्विक निवेशकों के लिए डॉलर आधारित परिसंपत्तियां आकर्षक हो सकती हैं और उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जाने का दबाव बढ़ सकता है। इसके उलट दरों में नरमी की उम्मीद से भारत जैसे बाजारों में विदेशी निवेश के लिए माहौल बेहतर हो सकता है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका में रोजगार के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में वापसी हुई। इससे निकट अवधि में ब्याज दरों के परिदृश्य को लेकर आकलन कर रहे निवेशकों को कुछ राहत मिली। उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक के आगामी नीतिगत फैसले और कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर रहेगी। घरेलू बाजार के लिए ब्याज दरों का रुख और कंपनियों की कमाई आगे की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल होंगे।
एशियाई बाजारों में निक्की 2% से ज्यादा चढ़ा
भारतीय बाजार को सोमवार को अन्य एशियाई बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। जापान का निक्की 225 दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग भी मामूली तेजी में रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का एसएसई कम्पोजिट अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। वैश्विक बाजारों में इस मिश्रित रुख के बीच भारतीय बाजार ने सोमवार को अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन किया।
घरेलू बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधि भी निवेशकों के रडार पर बनी हुई है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। लगातार विदेशी बिकवाली भारतीय बाजार के लिए दबाव का एक कारण रही है। इससे पहले बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 242.65 अंक और निफ्टी 64.05 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसके बाद शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहा था। सोमवार को बाजार खुलने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी ने निवेशकों को हाल की गिरावट से कुछ राहत दी है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले दिनों में अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, आरबीआई के नीतिगत फैसले और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
