Mahendragarh : हकेवि में ‘कार्यालय प्रक्रियाओं’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Mahendragarh : हकेवि में 'कार्यालय प्रक्रियाओं' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक दक्षताओं के संवर्धन के उद्देश्य से सोमवार को ‘कार्यालय प्रक्रियाओं पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
प्रशासनिक ब्लॉक स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने सहभागिता की। विश्वविद्यालय के सम्पदा एवं सामान्य प्रशासन अनुभाग (ईएंडजीए) द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के संयुक्त कुलसचिव डॉ. हरि सिंह परिहार विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर हकेवि के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हकेवि के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कार्यालय प्रक्रिया में योजना को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता उसके मानव संसाधन की दक्षता और कार्य के प्रति उत्तरदायित्व पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराने के साथ-साथ उनके व्यावसायिक कौशल को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों से प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. हरि सिंह परिहार ने प्रतिभागियों को कार्यालयीन प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों को प्रभावी, व्यवस्थित एवं दक्षतापूर्ण ढंग से संपादित करने के लिए निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ को आवश्यक बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ’कार्यालयीन प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली, आधिकारिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन, कार्यकुशलता एवं व्यावसायिक दक्षताओं के विकास तथा कार्यालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने’ से संबंधित विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को अपने नियमित प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में ज्ञान एवं कौशल के प्रभावी उपयोग के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया। डॉ. हरि सिंह परिहार ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु एवं प्रभावी बनाए रखने में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कार्यालयीन प्रक्रियाओं की बेहतर समझ, कार्यों के प्रति दक्ष दृष्टिकोण तथा जिम्मेदारियों का समयबद्ध एवं प्रभावी निर्वहन संस्थान की समग्र कार्यक्षमता को मजबूत करता है। कार्यक्रम के अंत में उपकुलसचिव सुश्री पारूल यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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