Aate ka Diya for Karwa Chauth: करवा चौथ का त्योहार आते ही घरों में सुहागिनों की तैयारियां जोरों पर शुरू हो जाती हैं। पूजा की थाली सजाने से लेकर छलनी और करवे तक, महिलाएं हर छोटी-बड़ी चीज का बहुत बारीकी से ध्यान रखती हैं। इस व्रत में दीया जलाने का भी अपना एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। कई परिवारों में मिट्टी या धातु के दीयों के साथ-साथ गेहूं के आटे से बना दीया जलाने की भी सुंदर परंपरा निभाई जाती है। हाथों से बना यह पवित्र दीया दिखने में जितना पारंपरिक लगता है, इसे घर पर तैयार करना उतना ही आसान भी है।
यदि आप भी इस करवा चौथ पर अपनी पूजा की थाली को और ज्यादा पारंपरिक और खास बनाना चाहती हैं, तो इसके लिए आपको बाजार से ज्यादा सामान लाने की कोई जरूरत नहीं है। रसोई में रखी बुनियादी चीजों से ही मिनटों में आटे का दीया तैयार हो जाता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान विधि।
आटे का दीया बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए?
आटे का दीया बनाने के लिए आपको किसी तामझाम की आवश्यकता नहीं है। बस ये चीजें अपने पास रख लें:
1 कप गेहूं का आटा
जरूरत के अनुसार पानी
एक चुटकी हल्दी (आप चाहें तो रंग और शुभता के लिए मिला सकती हैं)
थोड़ा सा घी या तेल (चिकनाई के लिए)
रुई की बाती और जलाने के लिए शुद्ध घी या तेल
ध्यान देने वाली बात यह है कि आटा गूंथते वक्त पानी की मात्रा कम ही रखें। आटा इतना सख्त होना चाहिए कि जब आप उसे आकार दें, तो वह हाथों पर चिपके नहीं और अपनी शेप आसानी से बनाए रखे।
स्टेप-बाय-स्टेप बनाएं करवा चौथ का विशेष दीया
स्टेप 1: सख्त आटा गूंथ लें
सबसे पहले एक बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाएं और एक कड़ा आटा तैयार कर लें। याद रखें कि यह आटा आम रोटियों की तरह नरम नहीं होना चाहिए। सख्त गूंथा हुआ आटा ही दीये को लंबे समय तक सही आकार में टिकाए रखेगा।
स्टेप 2: छोटी लोई बनाएं
तैयार आटे से एक छोटी या मध्यम आकार की लोई तोड़ लें। इसे दोनों हथेलियों के बीच रखकर गोल कर लें। लोई का आकार इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितना बड़ा दीया बनाना चाहती हैं।
स्टेप 3: दीये को दें सही आकार
अब उस लोई को अपनी हथेली पर रखें और अंगूठे की मदद से बीच में हल्का-हल्का दबाना शुरू करें। इसके किनारों को थोड़ा ऊंचा उठाएं ताकि उसमें पर्याप्त घी या तेल समा सके। दीये का निचला हिस्सा थोड़ा मोटा रखें ताकि वह थाली में मजबूती से टिक सके।
स्टेप 4: नुकीली नोक बनाएं
दीये के किसी एक हिस्से को उंगलियों से थोड़ा सा खींचकर आगे की तरफ नुकीला कर लें। यही वह जगह होगी जहां रुई की बाती रखी जाएगी। अगर आप चाहें तो अपनी उंगलियों की मदद से दीये के चारों तरफ कोई सुंदर डिजाइन भी उकेर सकती हैं।
स्टेप 5: थोड़ी देर हवा में सूखने दें
आटे के इस दीये को कुछ देर के लिए खुली हवा में छोड़ दें, ताकि वह थोड़ा स्थिर हो जाए। चूंकि यह कच्चा आटा है, इसलिए इसे पूजा की थाली में रखते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें ताकि यह टूटे नहीं।
स्टेप 6: घी और बाती सजाएं
अब इस तैयार दीये में शुद्ध घी या सरसों का तेल डालें और रुई की बाती रख दें। बाती का सिरा नुकीले हिस्से की ओर रखें ताकि आसानी से ज्योत प्रज्वलित की जा सके। आपका पवित्र आटे का दीया पूजा के लिए पूरी तरह तैयार है।
दीया बनाते और जलाते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल
आटा गूंथते समय पानी का इस्तेमाल कम से कम करें ताकि दीया फैले नहीं।
दीये के किनारे बहुत ज्यादा पतले न रखें, अन्यथा सूखने या घी डालने पर वे टूट सकते हैं।
थाली में रखने से पहले यह जांच लें कि दीये की तली बिल्कुल समतल है या नहीं।
दीये में घी भरते समय ओवरफ्लो न होने दें।
पूजा के दौरान जलते हुए दीये को हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे पर्दों या कपड़ों जैसी ज्वलनशील चीजों से दूर ही रखें।
यह भी पढ़ें– हरियाणा में किस शहर में सबसे पहले निकलेगा चांद? जानिए अपने जिले का सही समय

