Agniveer Service Extended: भारतीय सशस्त्र बलों में करियर की राह देख रहे युवाओं के लिए रक्षा मंत्रालय और सैन्य नेतृत्व ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (Chief of Defence Staff Agniveer Announcement) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को घोषणा की कि अब अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दी गई है।
इस बड़े बदलाव का सबसे बड़ा लाभ उन हजारों युवाओं को मिलेगा जो चार साल की मियाद पूरी होने के बाद अचानक सेना से बाहर होने की कगार पर खड़े थे। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रशिक्षित युवाओं को सेना में टिके रहने का अतिरिक्त मौका मिलेगा, बल्कि सैन्य बलों को भी अनुभवी जवानों की सेवाएं लंबे समय तक मिल सकेंगी।
दिसंबर तक पूरा होना था पहले बैच का कार्यकाल, टली छंटनी (Agnipath Scheme Update 2026)
गौरतलब है कि जून 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ योजना’ के तहत तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती की जाती रही है। तय नियमों के मुताबिक, हर बैच के केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही मेरिट के आधार पर परमानेंट यानी नियमित किया जाता था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत जवानों को चार साल की सेवा के बाद विदा होना पड़ता था।
आंकड़ों के मुताबिक, पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल इसी साल दिसंबर तक पूरा होने वाला था। नई नीति के तहत अब इन युवाओं की सहमति से उन्हें दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा, जिससे उनकी कुल नौकरी अब छह साल की हो जाएगी।
छह साल के बाद भी होगी कड़ी चयन प्रक्रिया (NS Raja Subramani Agniveer Policy)
भले ही सेवाकाल को दो साल के लिए बढ़ा दिया गया हो, लेकिन इसे स्थायी नौकरी की सीधी गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, छह साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी होने के बाद भी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में चुने जाने के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और मेरिट के पैमाने पर खरा उतरना होगा।
इस दौरान सेवा दे रहे इन जवानों को बढ़ी हुई सैलरी, भत्ते और सेवा के दौरान प्राप्त अनुभव के आधार पर आधिकारिक ‘स्किल सर्टिफिकेट’ भी प्रदान किए जाएंगे, जो उनके भविष्य के लिए मददगार साबित होंगे।
भर्ती प्रक्रिया और पात्रता के मुख्य बिंदु (First Batch Agniveer Retirement Extension)
अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की पात्रता और चयन से जुड़े कुछ अहम पैमाने इस प्रकार हैं:
आयु सीमा: भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 17 साल 6 महीने है, जबकि अधिकतम आयु थल सेना के लिए 22 साल और नौसेना-वायुसेना के लिए 21 साल तय की गई है।
शैक्षणिक योग्यता: पदों की प्रकृति के अनुसार उम्मीदवारों का 8वीं, 10वीं या 12वीं पास होना अनिवार्य है।
बदलाव: अब चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद फिजिकल टेस्ट कराए जाने का प्रावधान लागू किया गया है।
महिलाओं की भागीदारी: भारतीय सेना में महिला सैन्य पुलिस, नौसेना और वायुसेना में भी महिलाओं के लिए अग्निवीर के रूप में सेवा देने के द्वार खुले हुए हैं।
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