AIMS Mohali में 110 नए डॉक्टरों की भर्ती को मंजूरी, कुल पद बढ़कर 207 हुए
AIMS Mohali में 110 नए डॉक्टरों की भर्ती को मंजूरी, कुल पद बढ़कर 207 हुए
AIMS Mohali : पंजाब में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एसएएस नगर (मोहाली) स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में जूनियर रेजिडेंट्स (जेआर) के 110 नए पदों को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकार के इस फैसले से अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के कुल स्वीकृत पद 97 से बढ़कर 207 हो गए हैं।
24 विभागों में बढ़ीं पीजी सीटें, अस्पतालों में मुस्तैद रहेंगे डॉक्टर
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज ने एम्स मोहाली के 24 अलग-अलग विभागों में नए पोस्ट-ग्रेजुएट (पीजी) कोर्सों को संबद्धता दे दी है। इसके बाद संस्थान में पीजी की सालाना सीटें बढ़कर 69 प्रति वर्ष हो गई हैं। तीन साल के पूरे शैक्षणिक चक्र के दौरान अस्पताल में मरीजों की देखभाल और क्लिनिकल कामकाज संभालने के लिए कुल 207 जूनियर डॉक्टरों की जरूरत बन गई थी।
अब तक संस्थान के पास जूनियर रेजिडेंट के महज 97 स्वीकृत पद ही उपलब्ध थे। हर साल दाखिला लेने वाले 38 शैक्षणिक रेजिडेंट्स के हिसाब से तीन साल के चक्र में यह संख्या 114 तक ही पहुंच पाती थी। नए विभागों के शुरू होने और मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण डॉक्टरों की इस कमी को दूर करना बेहद जरूरी हो गया था।
आगामी तीन सत्रों के लिए बनाई गई विशेष रणनीति
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य सरकार पंजाब को देश में मेडिकल शिक्षा और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए 147, सत्र 2027–28 के लिए 177 और सत्र 2028–29 के लिए 207 जूनियर डॉक्टरों की आवश्यकता का आकलन किया गया है।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026–27 में 147 सीटों की जरूरत को तुरंत पूरा करने के लिए सरकार ने बिना देरी किए 110 नए पदों को मंजूरी दे दी। इस फैसले से मोहाली, खरड़, कुराली और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले हजारों मरीजों को ओपीडी और इमरजेंसी में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नए डॉक्टरों की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा सत्र में कार्यरत सात नियमित व पोस्ट-डिप्लोमा जूनियर रेजिडेंट्स का कार्यकाल इसी साल पूरा हो रहा है। इनमें से छह डॉक्टर अक्टूबर 2026 में और एक डॉक्टर दिसंबर 2026 में रिलीव हो जाएंगे।
इन डॉक्टरों के जाने के बाद अस्पताल में मरीजों के इलाज या क्लिनिकल कामकाज में कोई रुकावट न आए, इसलिए सरकार ने समय रहते नई भर्तियों का रास्ता साफ कर दिया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में स्टाफ की कमी से जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
