Furniture Market Fire: जीरकपुर के बलटाना स्थित फर्नीचर मार्केट में भीषण आग लगने से कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 22 शेड इसकी चपेट में आ गए और उनमें रखा फर्नीचर व अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें उठती देखकर आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 7 से 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि, अभी तक नुकसान का आधिकारिक आकलन नहीं हुआ है। आग लगने के कारणों का भी फिलहाल पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद एक बार फिर बलटाना फर्नीचर मार्केट में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, मार्केट में आग लगने के बाद लपटों ने तेजी से आसपास के शेडों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। एक शेड में लगी आग देखते ही देखते दूसरे शेड तक पहुंच गई। इससे कारोबारियों को अपना सामान बचाने का मौका भी नहीं मिला और करीब 22 शेड आग की चपेट में आकर जल गए। शेडों में बड़ी मात्रा में फर्नीचर और अन्य सामान रखा हुआ था। आग की चपेट में आने से यह सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की ऊंची लपटें और आसमान में उठता धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। इसे देखकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
दमकल की 7 से 8 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। विभाग की 7 से 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग कई शेडों तक फैल चुकी थी, इसलिए दमकल कर्मचारियों को इस पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। संबंधित स्तर पर नुकसान का आकलन भी किया जाना बाकी है। नुकसान की पूरी तस्वीर आकलन के बाद ही सामने आएगी।
बलटाना फर्नीचर मार्केट में पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं
बलटाना की फर्नीचर मार्केट में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां कई बार आग लग चुकी है। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं ने मार्केट में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कारोबारियों का कहना है कि आग लगने की घटनाओं में उनकी सालों की मेहनत और जमा पूंजी कुछ ही समय में खत्म हो जाती है। दुकानों और शेडों में रखा फर्नीचर तथा अन्य सामान ही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य आधार है। ऐसे में आग लगने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ कारोबार दोबारा खड़ा करने की चुनौती का भी सामना करना पड़ता है।
दुकानदारों ने प्रशासन से मार्केट में आग से बचाव के पुख्ता और स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार आग लगने की घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं हो पाए हैं। कारोबारियों के मुताबिक, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है, ताकि आग लगने पर नुकसान को बढ़ने से रोका जा सके। मार्केट में करीब 22 शेड जलने की घटना ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। अब कारोबारियों को प्रशासन से ठोस कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी इंतजामों की उम्मीद है।


