Amarjit Singh Chawla SGPC Case : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से जुड़े अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के मामले में पुलिस की तफ्तीश अब काफी तेज हो गई है। श्री आनंदपुर साहिब पुलिस इस सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए लगातार एसजीपीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी के ओएसडी सतबीर सिंह को तलब किया और उनसे करीब चार घंटे तक मैराथन पूछताछ की, जिसमें मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई।
चार घंटे चली मैराथन पूछताछ, सराय के रिकॉर्ड पर फोकस
श्री आनंदपुर साहिब के डीएसपी जशनदीप सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ गत 21 अगस्त 2026 को आईपीसी और संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर नंबर 149 दर्ज की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के दौरान पुलिस हरसंभव एंगल से सबूत और जानकारियां जुटाने में लगी है।
डीएसपी ने बताया कि लंबे समय से एसजीपीसी में सेवाएं दे रहे और वर्तमान में चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह के ओएसडी के रूप में तैनात सतबीर सिंह से सराय के प्रबंधन, वहां के नियमों और कार्यप्रणाली को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सराय में आने वाले श्रद्धालुओं की एंट्री किस प्रक्रिया के तहत होती है, ठहरने के क्या नियम हैं और उससे जुड़ा रिकॉर्ड किस प्रकार संधारित किया जाता है।
महिला के ठहरने के हालातों और अन्य संपर्कों की जांच
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि आखिरकार शिकायतकर्ता महिला किन परिस्थितियों में श्री आनंदपुर साहिब पहुंची थी और वहां रहने के दौरान उसके साथ क्या-क्या हुआ। इसके साथ ही, क्या किसी व्यक्ति द्वारा गैर-कानूनी हिरासत में रखने या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने के कोई सबूत या आरोप हैं, इसकी भी सत्यता जांची जा रही है।
डीएसपी ने स्पष्ट किया कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब में तैनात कुछ कर्मचारियों, शिकायत में नामजद व्यक्तियों और मुख्य आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस पूरी घटना में किसी अन्य व्यक्ति की कोई संलिप्तता या साजिश तो नहीं थी।
एसजीपीसी को जारी किया गया लेटर, जल्द कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने एसजीपीसी को एक औपचारिक पत्र जारी कर शिकायतकर्ता महिला के ठहरने से संबंधित सभी आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से मिलान किया जा रहा है। यौन अपराधों से जुड़े मामलों में तय कानूनी प्रावधानों और अदालत की गाइडलाइंस का पालन करते हुए पुलिस जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश करने की तैयारी में है। इस दौरान डीएसपी के साथ थाना प्रभारी जतिन कपूर और सिटी इंचार्ज जसमेर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी प्रमुखता से मौजूद रहे।

