Jhajjar News: डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच झज्जर जिले में क्रिप्टो करेंसी (USDT) में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 33.89 लाख रुपये की इस बड़ी ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फतेहाबाद के हरोली गांव निवासी रमन कुमार को दबोच लिया है। पुलिस पड़ताल में खुलासा हुआ कि पीड़ित से ऐंठी गई रकम में से 50 हजार रुपये रमन के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी को झज्जर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है।
फेसबुक पर दोस्ती, फिर व्हाट्सएप पर दिया भारी मुनाफे का लालच
दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, ठगों ने बेहद शातिराना अंदाज में ताना-बाना बुना था। एक अज्ञात महिला ने सबसे पहले पीड़ित से फेसबुक पर संपर्क साधा और बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाकर बातचीत को व्हाट्सएप पर शिफ्ट कर लिया गया। इसके बाद आरोपी महिला ने पीड़ित को विदेशी मुद्रा और यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में ट्रेडिंग के जरिए कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। पीड़िता को झांसे में लेकर ‘डेक्स-ट्रेड’ (Dex-Trade) नामक एक फर्जी वेबसाइट पर उसका अकाउंट खुलवा दिया गया।
मुनाफा निकालने की कोशिश की तो मांगी ‘टैक्स फीस’, खुला ठगी का राज
अकाउंट खुलने के बाद महिला के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 33 लाख 89 हजार 720 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब वेबसाइट के डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखने लगा और पीड़ित ने अपनी मूल रकम व लाभांश निकालने (Withdraw) का प्रयास किया, तो आरोपियों का असली चेहरा सामने आ गया। ठगों ने रकम रिलीज करने के एवज में ‘सिक्योरिटी वेरिफिकेशन फीस’ और ‘टैक्स’ के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया और अपनी जमा पूंजी वापस मांगी, तो ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाना झज्जर में शिकायत दर्ज कराई।
50 हजार का ट्रांजेक्शन बना सुराग, पुलिस खंगाल रही पूरा नेटवर्क
साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों की डिटेल और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की गहनता से तकनीकी जांच शुरू की। इसी कड़ी में पुलिस को पता चला कि ठगी की राशि में से 50 हजार रुपये फतेहाबाद निवासी रमन कुमार के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में पहुंचे हैं। साक्ष्यों के आधार पर रमन को मामले में सीधा लाभार्थी पाते हुए पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। झज्जर पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है। मामले में शामिल अन्य फर्जी बैंक खातों, गिरोह के मास्टरमाइंड और इस सिंडिकेट से जुड़ी विदेशी कड़ियों को खंगाला जा रहा है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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