Ladwa News: कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा उपमंडल अंतर्गत बन गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां स्थित सत्संग घर में सोमवार सुबह रोजाना की तरह सेवा और साफ-सफाई में जुटे तीन सेवादार हाईटेंशन बिजली की तारों की चपेट में आ गए। 11 हजार वोल्ट का करंट लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में 60 वर्षीय एक सेवादार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 70 वर्षीय बुजुर्ग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ (PGIMER) रेफर किया गया है। वहीं तीसरे सेवादार का हाथ जल गया है।
लोहे की सीढ़ी ले जाते वक्त हुआ हादसा, तारों से टकराते ही फैला करंट
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब पांच बजे तीनों सेवादार सत्संग घर परिसर और आसपास उग आई घास की कटाई व साफ-सफाई के काम में लगे हुए थे। परिसर की सफाई के लिए वे लोहे की एक बड़ी पहिएदार सीढ़ी को खिसका कर दूसरी जगह ले जा रहे थे। सीढ़ी काफी ऊंची थी, जो ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली की नंगी तारों से टकरा गई। सीढ़ी के लोहे की होने के कारण उसमें पलक झपकते ही तेज करंट दौड़ गया और सीढ़ी को पकड़े तीनों सेवादार उसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
60 साल के सोहनलाल की मौके पर मौत, 70 फीसदी झुलसे हरिराम की हालत नाजुक
हादसा इतना भीषण था कि लाडवा की महाबीर कॉलोनी के रहने वाले सोहनलाल (60) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं संगम मार्केट के पास रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग हरिराम वर्मा का शरीर करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गया। उन्हें तुरंत लाडवा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। हादसे में संगम मार्केट के ही रहने वाले तीसरे सेवादार राकेश का हाथ झुलस गया, जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है।
घर से सेवा के लिए निकले थे, थोड़ी देर बाद ही आई मौत की खबर
मृतक सोहनलाल के भतीजे लवकेश नागपाल ने रुंधे गले से बताया कि उनके चाचा सोहनलाल निसर्ग नियम के तहत हर रोज तड़के करीब 5 बजे घर से सत्संग घर में सेवा करने के लिए निकल जाते थे। सोमवार सुबह भी वह मुस्कुराते हुए घर से निकले थे, लेकिन उनके जाने के कुछ ही देर बाद करंट लगने की खौफनाक खबर आ गई। जब परिजन बदहवास होकर मौके पर पहुंचे, तो अन्य लोग घायलों को अस्पताल ले जा रहे थे, जहां डॉक्टरों ने सोहनलाल को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही महाबीर कॉलोनी और पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

