Ambala Encroachment Drive News: अंबाला शहर के नदी मोहल्ला में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान जमकर बवाल देखने को मिला। शुक्रवार को जब निगम की टीम दस्ता लेकर दुकान के बाहर बने अवैध थड़े और लोहे के शेड को ध्वस्त करने पहुंची, तो संबंधित दुकानदार ने टीम के सामने ही मोर्चा खोल दिया। कार्रवाई से नाराज दुकानदार ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है और जानलेवा बनी जर्जर इमारतों को छोड़कर सिर्फ छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहा है।
“सड़क पर और भी दुकानें हैं, तो गाज केवल मेरी दुकान पर ही क्यों?”
पीड़ित दुकानदार बग्गा का कहना है कि उसे शेड हटाने के लिए निगम की तरफ से पहले कोई लिखित सूचना या नोटिस नहीं मिला था। उसने बताया कि प्रशासनिक निर्देश मिलने के बाद उसने अपनी दुकान का छज्जा खुद ही तोड़ दिया था, लेकिन इसके बावजूद निगम की टीम ने जबरन उसके थड़े और शेड को अतिक्रमण बताकर तोड़ना शुरू कर दिया। बग्गा ने सवाल उठाया कि इस पूरे बाजार में अन्य कई दुकानों के बाहर भी शेड और अतिक्रमण बने हुए हैं, लेकिन नगर निगम केवल उसकी ही दुकान पर बुलडोजर चलाकर एकतरफा कार्रवाई कर रहा है।
पास में खड़ी है मौत बनकर जर्जर इमारत, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
कार्रवाई के दौरान दुकानदार ने पास में ही मौजूद एक बेहद जर्जर और खस्ताहाल इमारत की तरफ इशारा करते हुए निगम अधिकारियों को घेरा। उसने बताया कि इस जर्जर इमारत का मलबा और भारी पत्थर आए दिन सड़क पर गिरते रहते हैं, जिसकी चपेट में आकर वह खुद भी पहले घायल हो चुका है। दुकानदार का दावा है कि उसने इस खतरनाक इमारत को गिराने या मरम्मत कराने के लिए नगर निगम में लिखित आवेदन और शिकायतें भी दी थीं, लेकिन उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उसने तीखे लहजे में पूछा कि अगर राह चलते किसी नागरिक या बच्चे के ऊपर यह इमारत गिर जाती है, तो उस जनहानि का जिम्मेदार कौन होगा?
नोटिस देकर ही की गई है कार्रवाई, जर्जर इमारत पर भी चलेगा चाबुक: बिल्डिंग इंस्पेक्टर
दूसरी ओर, दुकानदारों के हंगामे और आरोपों का जवाब देते हुए नगर निगम अंबाला के बिल्डिंग इंस्पेक्टर विज ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शेड और पक्के थड़े द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर यह मामला प्रक्रिया में था। संबंधित दुकानदार को पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था और अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से भी मौके पर जाकर उसे खुद अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी थी।
जर्जर इमारत के मुद्दे पर जवाब देते हुए बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने साफ किया कि प्रशासन किसी हादसे का इंतजार नहीं कर रहा है। उस इमारत के मालिकों को भी जल्द ही कानूनी नोटिस जारी किया जाएगा और तय नियमों के तहत उसे सुरक्षित कराने या गिराने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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