Ambala News: अंबाला में आयोजित ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बहुचर्चित जनता दरबार में एक बार फिर सुस्त और लापरवाह कार्यशैली वाले अधिकारियों की शामत आ गई। दरबार में जब एक साल से बिजली कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे एक पीड़ित की अर्जी पहुंची, तो मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विज ने मौके पर मौजूद बिजली निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए जमकर लताड़ लगाई और साफ कर दिया कि जनता को बेवजह परेशान करने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मामला अंबाला के सिमण गांव का है। पीड़ित व्यक्ति ने बिजली कनेक्शन के लिए पूरे पैसे जमा करवा दिए थे और विभाग द्वारा एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पूरे 12 महीने बीत जाने के बाद भी उसे कनेक्शन नहीं मिला। जब अधिकारियों ने आपसी रंजिश का बहाना बनाने की कोशिश की, तो विज ने दो टूक शब्दों में पूछा कि अगर दो पक्षों में कोई विवाद था, तो विभाग ने नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत पड़े तो पुलिस की मदद ली जाए, लेकिन कनेक्शन हर हाल में लगना चाहिए।
7 दिन का अल्टीमेटम: लापरवाही बरती तो सीधे होगा निलंबन
गुस्से में लाल अनिल विज ने बिजली निगम के अधिकारियों को दो टूक अल्टीमेटम देते हुए सात दिन का समय दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि 29 तारीख से अगले सात दिनों के भीतर उपभोक्ता के घर में बिजली का कनेक्शन लग जाना चाहिए। विज ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के बाद भी पीड़ित ने शिकायत की, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी को सीधे तौर पर सस्पेंड कर दिया जाएगा।
मंत्री ने मौके पर ही उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर अपने पास नोट करवाया, ताकि सात दिन बाद वे खुद फोन करके जमीनी हकीकत का पता लगा सकें। उन्होंने दो टूक कहा कि एक साल से एक आम नागरिक का धक्के खाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक्सईएन से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
गली निर्माण में देरी पर भी अफसरों की लगाई क्लास
बिजली विभाग के अलावा जनता दरबार में गली निर्माण कार्य में हो रही देरी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। वार्ड नंबर 15 से जुड़े एक मामले में जब काम न होने की बात सामने आई, तो अधिकारियों ने पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि यह उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता और इसके लिए कोई अन्य एमई जिम्मेदार है।
इस दलील से भड़के विज ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता को अपने विभागीय दायरे और कागजी बहसों के नाम पर परेशान नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तत्काल प्रभाव से लिखित में कारण दें कि अब तक गली का निर्माण क्यों नहीं हुआ है। विज ने स्पष्ट किया कि फाइलों में देरी करने वाले और जनता के कामों में रोड़ा अटकाने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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