Ambala Railway Division: दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रेल यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ और उत्तर भारत में आगामी कोहरे की आहट को देखते हुए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने कमर कस ली है। रेल सेवाओं को सुचारु बनाने, सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने और यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए मंडल स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए हैं। अंबाला छावनी (कैंट) रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अंबाला मंडल रेल प्रबंधक (DRM) विनोद भाटिया ने यात्रियों की सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं।
18 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें ट्रैक पर, चालकों की काउंसलिंग तेज
डीआरएम विनोद भाटिया ने बताया कि त्योहारी सीजन में यात्रियों के सुगम सफर के लिए अंबाला मंडल से होकर कुल 18 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे बोर्ड द्वारा 6 से अधिक अन्य विशेष ट्रेनें भी इस मंडल को आवंटित की गई हैं, जिससे प्रमुख शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके। इसके साथ ही कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोको पायलटों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा संबंधी काउंसलिंग तेज कर दी गई है। लोको इंस्पेक्टर और क्रू इंस्पेक्टर ट्रेनों के ब्रेकिंग सिस्टम और इंजन कंट्रोल से जुड़ी प्रक्रियाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रेल संचालन पूरी तरह सुरक्षित रहे।
जनवरी तक पूरी तरह बहाल होगा कालका-शिमला रेल सेक्शन
पहाड़ों की रानी शिमला जाने वाले पर्यटकों के लिए भी डीआरएम ने राहत भरी खबर दी है। प्रसिद्ध कालका-शिमला हेरिटेज रेल सेक्शन के पुनर्निर्माण कार्य पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित ट्रैक पर काम तेजी से चल रहा है। वर्तमान में धर्मपुर से शिमला के बीच एक ट्रेन का सफल संचालन किया जा रहा है और अगले कुछ ही दिनों में इस खंड पर दूसरी ट्रेन भी पटरी पर उतर जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण और मरम्मत का काम पूरा होते ही जनवरी तक पूरे कालका-शिमला रेल मार्ग को सामान्य यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
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