एशियाई खेलों में भारत के सामने जापान की चुनौती, पुरुष टीम की नजर रजत को स्वर्ण में बदलने पर
एशियाई खेलों में भारत की बैडमिंटन टीम तैयार
Asian Games: एशियाई खेलों की बैडमिंटन टीम स्पर्धा में भारतीय पुरुष टीम रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम इस बार अपने पदक का रंग बदलने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। महिला टीम भी रविवार को कजाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी। हांगझोऊ में भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था, जबकि एचएस प्रणय ने पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था।
भारत के लिए बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला अपेक्षाकृत आसान रहने की उम्मीद है, लेकिन क्वार्टरफाइनल में चुनौती काफी बढ़ सकती है। पुरुष टीम के सामने जापान आ सकता है। संभावित मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है। नाराओका ने पिछले महीने नई दिल्ली में हुई विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वहीं, दुनिया के 20वें नंबर के आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और 18वें नंबर के युशी तनाका से होने की संभावना है। पुरुष युगल में सात्विक-चिराग की जोड़ी के सामने ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी की चुनौती आ सकती है। ऐसे में जापान के खिलाफ भारत को कई कड़े मुकाबलों से गुजरना पड़ सकता है।
लक्ष्य सेन के प्रदर्शन पर भी नजर
लक्ष्य सेन अभी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं। हालांकि मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही है। लक्ष्य को विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स में पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जापान के खिलाफ संभावित मुकाबले में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए अहम रहेगा। तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत को मिल सकती है। एचएस प्रणय भी हालिया प्रदर्शन के बावजूद टीम के लिए एक अहम विकल्प बने हुए हैं।
भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी मौजूद हैं। इसका मतलब है कि सेमीफाइनल में भारत का सामना इन दोनों में से किसी एक टीम से हो सकता है। ड्रॉ के दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे शामिल हैं। टीम स्पर्धा में हर अगले दौर के साथ मुकाबलों की कठिनाई बढ़ती जाएगी। भारतीय महिला टीम कजाकिस्तान के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। संभावित मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से हो सकता है। वहीं उन्नति हुडा के सामने 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी की चुनौती आ सकती है।
त्रीसा-गायत्री की जोड़ी पर भी नजर
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी भारत की बड़ी उम्मीद होगी। इस जोड़ी ने पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। जापान के खिलाफ संभावित क्वार्टरफाइनल में त्रीसा और गायत्री का सामना युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप के प्रदर्शन के बाद भारतीय जोड़ी से टीम स्पर्धा और व्यक्तिगत स्पर्धा दोनों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
पीवी सिंधू भी भारतीय अभियान की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल होंगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में किए गए प्रदर्शन को एशियाई खेलों में दोहराने की कोशिश करेंगी। अगर भारतीय महिला टीम जापान को हराती है तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है। टीम स्पर्धा के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत मुकाबले शुरू होंगे, जहां भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने के लिए अलग-अलग स्पर्धाओं में चुनौती पेश करने का मौका होगा।
