Bathinda Police Search Operation : पंजाब में नशे के खासे गहरे जड़ों तक पहुंच चुके जाल को तोड़ने के लिए अब जिला पुलिस ने जमीनी स्तर पर घेराबंदी और ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया है। रविवार की सुबह बठिंडा पुलिस ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत सब-डिवीजन मौड़ के गांव घुम्मण को चारों तरफ से सील कर दिया और वहां एक बड़ा सर्च ऑपरेशन अंजाम दिया। प्रशासनिक स्तर पर इस गांव को उन चुनिंदा इलाकों की सूची में रखा गया है जहां नशा तस्करों की गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थीं।
सौ पुलिसकर्मियों ने घेरा गांव, रास्तों पर कड़ा पहरा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहेल कासिम मीर की अगुवाई में चलाए जा रहे इस अभियान की कमान सीधे तौर पर एसपी हेडक्वार्टर जगदीश कुमार बिश्नोई ने संभाल रखी थी। रविवार तड़के ही करीब एक सौ पुलिसकर्मियों का अमला गांव घुम्मण में दाखिल हुआ।
पुलिस ने किसी भी असामाजिक तत्व या तस्कर को भागने का मौका न देते हुए गांव के तमाम प्रवेश और निकास मार्गों पर मजबूत नाकाबंदी कर दी। इस दौरान वहां से गुजरने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की डिग्गी से लेकर दस्तावेजों तक की बारीकी से जांच की गई।
संदिग्धों से पूछताछ और सप्लाई चेन पर चोट
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने गांव के संदिग्ध ठिकानों और घरों के आसपास विशेष निगरानी रखी। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि इस तरह के अभियानों का मुख्य मकसद सिर्फ छोटे ड्रग पैडलर्स को पकड़ना नहीं है, बल्कि उस पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है जो युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रही है।
पुलिस दल ने कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की और उनके पिछले रिकॉर्ड खंगाले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान किसी भी सूरत में रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील गांवों में भी ऐसे छापे मारे जाएंगे।
जनता से जुड़ने की अपील: पहचान गुप्त रखने का भरोसा
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और मौजिज लोगों के साथ संवाद भी स्थापित किया। पुलिस ने आम जनता से खुलकर आगे आने और नशे के कारोबारियों के बारे में जानकारी साझा करने की अपील की है। बठिंडा पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जो भी व्यक्ति तस्करों के खिलाफ पुलिस की मदद करेगा, उसकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
जानकारों का मानना है कि जब तक पुलिस और जनता मिलकर इस नासूर के खिलाफ साझा मोर्चा नहीं संभालेंगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह लगाम लगाना मुमकिन नहीं हो सकेगा।


