भारतीय मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

Narnaul News: भारतीय मजदूर संघ से सम्बन्धित सभी विभागीय यूनियनों के सैंकड़ो कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पंहुचे तथा प्रधान मन्त्री एवं मुख्यमन्त्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने उपरान्त तहसीलदार लच्छी राम ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि आपके मांग पत्र आज ही सरकार को भेज दिए जाएंगें।
पुराना सचिवालय के सामने वाले पार्क में संघ के जिला अध्यक्ष आशिष गौरा की अध्यक्षता में आमसभा की गई, जिसमें सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया गया। सभा का संचालन संघ के जिला मन्त्री हरकेश ने किया।
जिला मन्त्री ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ हरियाणा ने एक मांग पत्र मुख्यमन्त्री का दिया था इसके पश्चात मुख्यमन्त्री द्वारा खुले मन्च से घोषणा की कि 15 जून तक हरियाणा में एच.के.आर.एन.एल. के कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के काॅर्ड जारी कर दिए जाएंगे, इसके पश्चात यह समय बढाते हुए 15 अगस्त विस्तारित कर दिया गया परन्तु आज तक भी कर्मचारियों के सेवा सुरक्षा काॅर्ड जारी नही किए गए।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों को स्कीम वर्कस की अवधारणा पर फिर से विचार करना चाहिए। कोई भी सामाजिक कल्याण योजना 10-12 वर्ष तक ही सीमित नही रह सकती। अक्तूबर 1975 में शुरू हेए आंगनवाड़ी योजना को आधा सदी कैसे कहा जा सकता है। सरकारें इन कार्यार्ताओं से 12 घण्टे से अधिक काम लेती हैं, लेकिन उन्हे वर्कर मानने को तैयार नही हैं, श्रम कोड्स में भी इन्हें शामिल नही किया गया है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डा पुष्पेन्द्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 1998 से आर.सी.एच. के नाम शुरू की गई परियोजना जो हर 5 से 7 वर्षों में नाम बदलकर आज पूरे भारत में एन.एच.एम. के नाम जानी जाने वाली परियोजना में लाखों कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें से सैंकड़ो कर्मचारी अपनी आयु के 58 वर्ष पूर्ण होने पर दुःखी मन से खाली हाथ घर चल गए हैं, शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होने बताया कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय द्वारा सी.डब्ल्यू. पी. नं0 35408 ऑफ़ 2025 में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी एन.एच.एम. कर्मचारियों को रेगुलर करने का निर्णय सुनाया गया है परन्तु सरकार एवं विभागीय अधिकारी माननीय उच्च न्यायलय के निर्णय को मानने की बजाय फैसले को चुनोती देने की तैयारी कर रहे है जो कि एन.एच.एम. कर्मचारियों के साथ घौर अन्याय है।
सभा में समग्र शिक्षा के सुशील लाम्बा, मनिंदर यादव, महेंद्र, बिजली बोर्ड से कर्मबीर जाखड़, उमेश कुमार, टूबवेल ऑपरेटर से सुरेंद्र मकसूसपुर, भवन निर्माण से रमेश, एजुसेट चौकीदार से प्रमोद, आशा वर्कर सुशीला, हरियाणा रोडवेज से यजेंदर यादव, एन एच एम से विनोद राव व स्नेहलता इत्यादि नें भी सम्बोधित किया
श्रमिकों की मुख्य लम्बित मांगे:
1. माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय के निर्णय सी.डब्ल्यू. पी. नं0 35408 ऑफ़ 2025 में को लागू करते हुए 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी एन.एच.एम. कर्मचारियों को तुरन्त रेगुलर करें।
2. समग्र शिक्षा, आंगनवाड़ी, आशा इत्यादि सभी स्कीम वर्कर का तुरन्त रेगुलर किया जाए।
3. पांच दिवसीय बैंकिग प्रणाली लागू की जाए।
4. सरकारी विभागों में सभी रिक्त पदों का तुरन्त भरा जाए।
5. पुरानी पैन्शन योजना को बहाल किया जाए।
6. ई.पी.एस. 95 के तहत न्यूनतम पैंशन 7500/- प्रतिमाह की जाए।
7. ई.एस.आई. की सीमा 21000/- रूपये से बढाकर 42000/- रूपये की जाए।
8. ई.पी.एफ. की सीमा 15000/- रूपये से बढाकर 30000/- रूपये की जाए।
9. सभी अनुबन्धित कर्मचारियों गे्रच्युटी का लाभ दिया जाए।
