Bhiwani News: हरियाणा के भिवानी जिला नागरिक अस्पताल की कार्यप्रणाली एक बार फिर गहरे कटघरे में है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की धज्जियां उड़ाती एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर संवेदनशील इंसान को झकझोर कर रख दिया है। बैंक कॉलोनी के रहने वाले और पेशे से प्लंबर कुलदीप अपनी गर्भवती पत्नी संतोष को प्रसव पीड़ा के चलते शुक्रवार शाम करीब चार बजे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे पहले एक निजी अस्पताल गए थे, लेकिन वहां का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ होने पर उन्होंने सरकारी अस्पताल का रुख किया था। (Civil Hospital Bhiwani doctor negligence) परिवार की पहले से तीन बेटियां थीं और इस बार घर में बेटे की उम्मीद थी, लेकिन डॉक्टरों की कथित उदासीनता ने उनकी सारी खुशियों को मातम में बदल दिया।
दर्द से गिड़गिड़ाती रही मां, पर डॉक्टर टालते रहे
पीड़ित पिता कुलदीप ने रोते हुए बताया कि अस्पताल के वार्ड में उस वक्त केवल दो नर्सें मौजूद थीं और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने यह कहकर मामले को टाल दिया कि अभी डिलीवरी में समय है। जबकि हकीकत यह थी कि महिला का पानी पहले ही लीक हो चुका था और वह अपने पैरों पर खड़ी होने की स्थिति में भी नहीं थी।
इसके बावजूद डॉक्टरों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उन्हें बाहर से प्राइवेट अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे दी। अस्पताल के गलियारों में दर्द से तड़प रही संतोष जब आगे बढ़ रही थीं, तभी चक्कर आकर वह गिर पड़ीं और अस्पताल परिसर में ही उन्होंने खुद ही बच्चे को जन्म दे दिया।
मची अफरा-तफरी, दस मिनट बाद दी बच्चे की मौत की खबर
अचानक हुई इस घटना के बाद जब परिजनों ने घबराकर चिल्लाकर मेडिकल स्टाफ को बुलाया, तो अस्पताल कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आरोप है कि एक डॉक्टर बिना किसी महिला स्वास्थ्यकर्मी की मदद के नवजात को उठाकर अंदर ले गया और करीब दस मिनट बाद लौटकर परिजनों को बताया कि बच्चे की सांसें थम चुकी हैं।
इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने कथित तौर पर परिजनों को वार्ड से बाहर खदेड़ दिया। आक्रोशित परिजनों ने तुरंत डायल 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया और शनिवार सुबह लिखित शिकायत देकर दोषी डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई।
पुलिस और पीएमओ का बयान: बोर्ड गठित कर होगी जांच
दिनोद गेट चौकी इंचार्ज राजेश ने बताया कि पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित पिता की शिकायत ले ली है। पुलिस नियमों के तहत नवजात के शव का पोस्टमॉर्टम करवा रही है। वहीं, इस पूरे मामले पर अस्पताल के पीएमओ (PMO Dr Balwan Singh Bhiwani) डॉ. बलवान सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है।
परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड का गठन किया जा रहा है। पीएमओ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई भी डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

