Namo Bharat Train Haryana: दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र गुरुग्राम में रोजाना लगने वाला ट्रैफिक जाम आम लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान इफ्को चौक, गोल्फ कोर्स रोड और आरडी सिटी जैसे प्रमुख चौराहों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आती हैं। ऐसे में भविष्य की महत्वाकांक्षी ‘नमो भारत’ ट्रेन (NCRTC GMDA meeting) परियोजना को लेकर योजनाकारों ने विशेष सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
जीएमडीए और एनसीआरटीसी के अधिकारियों का मानना है कि यदि स्टेशन बिल्कुल मुख्य चौराहों पर बनाए गए, तो ई-रिक्शा, ऑटो और निजी वाहनों के ठहराव के चलते जाम की स्थिति और भी खौफनाक हो सकती है। इसी से निपटने के लिए स्टेशनों को चौराहों से थोड़ा हटकर बनाने की रणनीति बनाई जा रही है।
एनसीआरटीसी और जीएमडीए अधिकारियों की बैठक में मंथन
इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट और इसके तकनीकी पहलुओं को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के आला अधिकारियों के बीच एक अहम दौर की बैठक संपन्न हुई।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नमो भारत कॉरिडोर के पूरे रूट और स्टेशन स्थलों का खाका प्रस्तुत किया गया। बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि इफ्को चौक से लेकर गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के दायरे में आने वाले प्रस्तावित नमो भारत और मेट्रो स्टेशनों की लोकेशन ऐसी चुनी जाए, जिससे मुख्य सड़क यातायात बाधित न हो।
इफ्को चौक से फरीदाबाद और नोएडा तक जुड़ेगा नमो भारत नेटवर्क
बैठक के दौरान एनसीआरटीसी के प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर के प्रस्तावित मार्ग का विवरण साझा किया। योजना के मुताबिक, यह कॉरिडोर इफ्को चौक से शुरू होकर डॉ. बीआर अंबेडकर मार्ग, आरडी सिटी रोड और गोल्फ कोर्स रोड की तरफ आगे बढ़ेगा। (Iffco Chowk Namo Bharat route)
इसके बाद घाटा गांव के पास से होते हुए गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के जरिए फरीदाबाद और आगे नोएडा-ग्रेटर नोएडा से जुड़ेगा। इस रूट से जुड़ने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले लाखों यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
भविष्य के बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखकर बनेगा डिजाइन
इस बैठक में जीएमडीए के अधिकारियों ने एनसीआरटीसी की टीम को उन सड़कों का पूरा ब्योरा सौंपा, जहां भविष्य में नए अंडरपास या फ्लाईओवर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। (Golf Course Road RRTS)
जीएमडीए अधिकारियों का कहना था कि कॉरिडोर और स्टेशनों का अंतिम सिविल डिजाइन तैयार करते समय इन भावी परियोजनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि बाद में किसी तरह का ढांचागत टकराव न हो। इस उच्चस्तरीय बैठक में अधीक्षक अभियंता जगदीश सौरोत, कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा, शेखर नांदल और राकेश दीपक सहित कई वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।

