Bhiwani Rehri Union Protest: त्योहारों के सीजन में भिवानी शहर के फल-सब्जी रेहड़ी चालकों के सामने आजीविका की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन द्वारा मुख्य स्थानों से हटाई गई रेहड़ियों को दोबारा लगवाने की मांग को लेकर मंगलवार को रेहड़ी यूनियन के बैनर तले संचालकों ने मोर्चा खोल दिया।
नई अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने आयोजित इस धरने में रेहड़ी पटरी वालों के साथ स्थानीय व्यापारी और पीड़ित परिवारों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी ने एक सुर में प्रशासन से गुहार लगाई कि दीपावली से पहले उन्हें पुरानी जगहों पर दुकानें सजाने की इजाजत दी जाए।
जेपी कौशिक की अगुवाई में सौंपा ज्ञापन, 15 दिनों से जारी है संघर्ष
व्यापारियों और रेहड़ी चालकों के समर्थन में उतरे व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जेपी कौशिक ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रेहड़ी-फड़ी वालों के हक के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार संघर्ष किया जा रहा है। जिला प्रशासन से लेकर मार्केट कमेटी के उच्च अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
जेपी कौशिक ने कहा कि सरकार और प्रशासन को गरीब परिवारों के चूल्हे बंद होने से बचाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि त्योहार से पहले इन गरीब दुकानदारों को राहत नहीं दी गई, तो व्यापार मंडल पूरे शहर में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
‘त्योहार पर हमारे घरों में भी हो रोशनी’, संचालकों ने दिलाया सुगम यातायात का भरोसा
प्रदर्शन कर रहे रेहड़ी संचालक नरेंद्र, विजय, दीपक, रोशन और अनिल का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि वे पिछले 15 से 20 सालों से निर्धारित स्थानों पर रेहड़ियां लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं।
दीपावली का बड़ा त्योहार सिर पर है, ऐसे में अचानक रेहड़ियां हटा दिए जाने से उनके सामने फाकेकशी की नौबत आ गई है। संचालकों ने प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी सूरत में फुटपाथ, पार्किंग क्षेत्र या मुख्य सड़क पर अतिक्रमण नहीं करेंगे जिससे आम जनता की आवाजाही या ट्रैफिक बाधित हो। वे व्यवस्थित दायरे में रहकर व्यापार करने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें त्योहार के दिनों में काम करने दिया जाए।
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