Bijli karamchari Hartal: हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह जिलों के बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपे जाने के फैसले ने पूरे राज्य में बड़ा बवंडर खड़ा कर दिया है। इस फैसले के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मोर्चा खोलते हुए हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते सूबे के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया है।(haryana power cut news)
गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद, करनाल, रोहतक, पानीपत, कुरुक्षेत्र और अंबाला जैसे प्रमुख जिलों में हड़ताल का व्यापक और सीधा असर देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों के सख्त रवैये के कारण रात में जिन इलाकों में तकनीकी खराबी या फॉल्ट आए, उन्हें ठीक करने कोई नहीं पहुंचा, जिससे हजारों परिवारों ने पूरी रात ब्लैकआउट की स्थिति में बिताई।
इनवर्टर पड़े ठप, पानी के लिए तरसे लोग
बिजली गुल रहने की वजह से आम जनता की फजीहत बढ़ गई है। लंबी कटौती के कारण घरों के इनवर्टर भी जवाब दे गए। सुबह जब लोगों की आंख खुली तो बिजली न होने से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप मिली, जिससे रोजमर्रा के कामों के लिए लोग बूंद-बूंद पानी को तरसते नजर आए।
करनाल में गुस्साए स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था से तंग आकर कैथल रोड पर जाम लगा दिया, जिससे घंटों वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-5, सेक्टर-7, पालम विहार और दौलताबाद समेत पुराने शहर के इलाकों में करीब दस लाख से अधिक आबादी इस पावर कट से प्रभावित बताई जा रही है। सेक्टर-5 RWA के अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ ने तो क्षेत्र में छाए अंधेरे का वीडियो जारी कर प्रशासन पर सवाल उठाए।
अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों पर भी पड़ा असर
हड़ताल का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका खामियाजा सरकारी दफ्तरों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी भुगतना पड़ रहा है। (haryana bijli karamchari hartal) जींद के नागरिक अस्पताल में, जो आमतौर पर हॉटलाइन से जुड़ा रहता है, वहां भी बत्ती गुल होने से इमरजेंसी सेवाओं को जनरेटर के सहारे चलाना पड़ा। उधर, झज्जर जिला सचिवालय में बिजली न रहने से दिनभर सरकारी कामकाज प्रभावित रहा और दूर-दराज से आए फरियादियों को खाली हाथ या घंटों इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा।
सरकार सख्त, पुलिस तैनात और छुट्टियां रद्द
हालात को बेकाबू होते देख राज्य सरकार भी पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है। बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राज्यभर के पावर हाउस और सब-स्टेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बिजली निगम के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए हड़ताली कर्मचारियों से संयम बरतने और काम पर लौटने की अपील की है। सीएम ने आश्वस्त किया है कि सरकार कर्मचारियों के हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

