Botbro investment fraud: निवेश पर तगड़ा मुनाफा कमाने का सपना एक युवक के लिए भारी पड़ गया। हरियाणा के जगाधरी स्थित त्यागी गार्डन के रहने वाले अंकित को रातों-रात अमीर बनने का झांसा देकर शातिर ठगों ने 26.70 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित को ‘बॉटब्रो’ नामक एक फर्जी और अनधिकृत निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी कारोबार में पैसा लगाने का लालच दिया गया था। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की प्रारंभिक जांच के बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपियों और कई संदिग्ध बैंक खातों के धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश का केस दर्ज कर लिया है।
ऐसे बुना गया ठगी का पूरा जाल
पुलिस को दी गई शिकायत में अंकित ने बताया कि कुरुक्षेत्र के रहने वाले शुभम गुप्ता ने उससे संपर्क किया था और खुद को ‘बॉटब्रो’ निवेश प्लेटफॉर्म का अधिकृत एजेंट बताया था। आरोपी ने उसका भरोसा जीतने के लिए यहां तक दावा किया था कि वह अपना पूरा करियर इसी निवेश कारोबार में लगा चुका है। पीड़ित को झांसे में लेते हुए उसने भरोसा दिलाया कि बॉटब्रो में पैसे लगाने पर हर महीने 6 से 7 प्रतिशत तक का भारी मुनाफा मिलेगा और उसकी मूल रकम पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। आरोपी की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर अंकित ने धीरे-धीरे करके कुल 26 लाख 70 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।
अलग-अलग फर्मों के खातों में ट्रांसफर कराई गई रकम
शक तब गहराया जब अंकित ने देखा कि बॉटब्रो के किसी आधिकारिक कॉर्पोरेट खाते के बजाय यह पूरी रकम अलग-अलग व्यक्तियों और फर्जी फर्मों के निजी बैंक खातों में भेजी जा रही थी। कुछ समय बाद जब उसने अपना मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो निवेश प्लेटफॉर्म का डिजिटल डैशबोर्ड अचानक बंद हो गया। जब पीड़ित ने शुभम गुप्ता और इस खेल से जुड़े लविश चौधरी से अपनी मूल रकम वापस मांगी, तो उन्होंने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उल्टा उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
18 से अधिक नामजद लोग और फर्में जांच के दायरे में
शिकायतकर्ता ने पुलिस को उन तमाम संदिग्ध खातों और व्यक्तियों की फेहरिस्त सौंपी है जिनके माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर किया गया था। इस सूची में शुभम गुप्ता, लविश चौधरी के अलावा नमन, कुशाग्र, कैप्टर मनी सॉल्यूशन, सनी आहूजा, भारत पाइप इंडस्ट्रीज, ममता सिंह, सीमा, एमएनएम गुप्ता, राजेश शर्मा, सूरज कुमार, राजीव जोशी, अमूल्य कुमार, नीरू गुप्ता, गुरसेवक सिंह और विपिन सैनी सहित कई अन्य नाम शामिल हैं। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि यह गिरोह कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था और इस फर्जी बॉटब्रो प्लेटफॉर्म के तार कहां-कहां जुड़े हैं।
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