Budget India Tour: आमतौर पर जब लोग किसी एक शहर या राज्य में दो-चार दिन घूमने का प्लान बनाते हैं, तो जेब से 10 से 15 हजार रुपये कब छू मंतर हो जाते हैं, पता ही नहीं चलता। (Budget travel India tips) लेकिन अगर कोई आपसे कहे कि इतने ही पैसों में पूरा हिंदुस्तान नापा जा सकता है, तो शायद आप भी इसे कोई बचकाना मजाक ही समझेंगे। इन दिनों सोशल मीडिया की दुनिया में एक महिला कंटेंट क्रिएटर की यही अनोखी और साहसी कहानी इंटरनेट यूज़र्स के बीच कौतुहल का केंद्र बनी हुई है।
2,000 रुपये में नापे 6 राज्य, आगे का सफर अभी बाकी (2000 rupees 6 states travel video)
इंस्टाग्राम पर @flyyingxfishh नाम के हैंडल से शेयर किए गए इस वीडियो में महिला ट्रैवलर खुद इस बात का खुलासा करती दिख रही हैं। वीडियो की शुरुआत में ही वह यूज़र्स की नब्ज पकड़ते हुए कहती हैं, “तुम्हारा सिर्फ एक जगह घूमने का बजट 10 हजार होता होगा, (Solo female traveler 10000 rupees India tour) लेकिन मेरा पूरा इंडिया घूमने का है। मजाक लग रहा है न? लेकिन ये चैलेंज मैंने खुद को दिया है। अब तक मैं 6 राज्य कवर कर चुकी हूं और उसमें मेरे महज 2,000 रुपये खर्च हुए हैं।”
हालांकि, क्रिएटर ने ईमानदारी से यह भी माना कि आगे का सफर बेहद कठिन है। अगर बीच रास्ते में पैसे खत्म हो गए तो यह चैलेंज वहीं दम तोड़ देगा। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से ही सवाल दागा है कि क्या वे इस बेहद मुश्किल मिशन को पूरा कर पाएंगी? इस अनूठे सफर के लंबे एपिसोड्स वे अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर कर रही हैं, जहां लोग इस बजट ट्रैवल के हर पड़ाव को देखने के लिए उत्सुक हैं।
इंटरनेट पर छिड़ी बहस- ‘यह घुमक्कड़ी है या सिर्फ ट्रेन का सफर?’
वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई लोगों के लिए इतनी कम रकम में 6 राज्यों की यात्रा पचा पाना नामुमकिन साबित हो रहा है। एक यूज़र ने चुटकी लेते हुए लिखा, “मैडम, आप सच में घूम रही हैं या सिर्फ ट्रेन के जनरल डिब्बे में बैठकर राज्यों को क्रॉस कर रही हैं?”
वहीं, बजट ट्रैवलिंग के शौकीनों ने क्रिएटर का खुलकर समर्थन किया है। एक अन्य यूज़र ने तर्क दिया कि अगर आप रुकने के लिए होमस्टे या धर्मशाला चुनते हैं, सड़क किनारे का स्थानीय खाना खाते हैं और लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, तो 10 हजार में देश घूमना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। कई यूज़र्स ने एक अकेली लड़की के इस जज्बे की तारीफ करते हुए उन्हें सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह भी दी है।
महंगाई के दौर में बैकपैकिंग और बजट ट्रैवल का बढ़ता क्रेज
आजकल की युवा पीढ़ी में अब लग्जरी होटल, फाइव स्टार सुविधाएं और फ्लाइट के बजाय ‘बैकपैकिंग’ यानी कम से कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा दुनिया देखने की संस्कृति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस तरह के ट्रिप में जनरल क्लास की ट्रेन, सस्ती बसें, हॉस्टल, गुरुद्वारे या धर्मशाला में रात बिताना और साधारण खाना ही मूलमंत्र होता है।
एक सोलो फीमेल ट्रैवलर के लिए सीमित बजट में सुरक्षा, सेहत और संसाधनों का संतुलन बनाना वाकई किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अगर यह क्रिएटर अपने 10 हजार रुपये के चैलेंज में सफल हो जाती हैं, तो यह देश के लाखों बजट ट्रैवलर्स के लिए एक मिसाल बन जाएगा।
(Disclaimer): इस खबर में दी गई सभी जानकारियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और संबंधित पोस्ट में किए गए दावों पर आधारित हैं। ‘जग मार्ग’ इनमें से किसी भी दावे की सत्यता या प्रामाणिकता की अपनी ओर से पुष्टि नहीं करता है।

