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NRI Woman Viral: “मुझे देश की याद नहीं सताती”, कनाडा में रह रही भारतीय महिला का वीडियो वायरल, वजह सुन आंखें भर आएंगी

NRI Woman Viral: "मुझे देश की याद नहीं सताती", कनाडा में रह रही भारतीय महिला का वीडियो वायरल, वजह सुन आंखें भर आएंगी

“मुझे देश की याद नहीं सताती”, कनाडा में रह रही भारतीय महिला का वीडियो वायरल, वजह सुन आंखें भर आएंगी

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AAmandeep Singh

NRI Woman Viral: “क्या तुम्हें अपने देश की याद नहीं आती?”—यह एक ऐसा सवाल है जो विदेश में जाकर बसे लगभग हर भारतीय को कभी न कभी जरूर सुनना पड़ता है। ज्यादातर लोग इसका जवाब अपनी मिट्टी, गली-मोहल्लों या संस्कृति से जोड़कर देते हैं।

लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर कनाडा में रह रही मान्या नाम की एक भारतीय महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस घिसे-पिटे सवाल का बेहद संजीदा और दिल को छू लेने वाला जवाब दिया है। मान्या के मुताबिक, परदेस में रहने वालों के लिए ‘घर’ कोई भौगोलिक जगह या नक्शा नहीं होता, बल्कि उनके अपने लोग और उनसे जुड़े रिश्ते ही उनका असली घर होते हैं।

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कनाडा में सब कुछ है, फिर भी दिल के किसी कोने में खालीपन

मान्या ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किए गए वीडियो में बहुत ही बेबाकी से प्रवासी जीवन के उस पक्ष को सामने रखा है, जिस पर आमतौर पर लोग बात नहीं करते। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से कनाडा में रह रही हैं।

यहां रहते हुए वे जब चाहें अपनी मां की रेसिपी देखकर पराठे बना सकती हैं, भारतीय रेस्टोरेंट में खाना खा सकती हैं और दिवाली-होली जैसे त्योहारों पर दीये जलाकर जश्न भी मना सकती हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं और भारतीयता का माहौल होने के बावजूद उनके दिल में एक खालीपन हमेशा बना रहता है। मान्या कहती हैं कि उन्हें भारत देश की भौगोलिक कमी उतनी महसूस नहीं होती, जितनी उस देश में मौजूद अपने लोगों की होती है।

‘देश नहीं, घर के छह लोगों और उस एक कमरे की कसक है’

शुरुआत में मान्या को लगता था कि शायद वे कुछ ज्यादा ही भावुक हो रही हैं या पुरानी यादों में फंसी हुई हैं। लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें अहसास हुआ कि वे जिस समस्या को समझने की कोशिश कर रही थीं, वह देश की कमी नहीं थी। उन्हें किसी शहर या मुल्क की नहीं, बल्कि अपने घर के उन छह सदस्यों और उस एक खास कमरे की याद सताती है, जहां उनका बचपन बीता था।

मां की रसोई, पापा का अखबार और झूले की वो लड़ाई

अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए मान्या कहती हैं, “सुबह के 11 बजे मां की रसोई में बैठकर गरम-गरम पराठे बनने का इंतजार करना, सोफे पर बैठकर पापा को अखबार पढ़ते देखना और दुनिया भर की खबरें सुनना… तथा घर के उस पुराने झूले के लिए भाई-बहनों का आपस में झगड़ना, असली कमी तो इन लम्हों की है।” मान्या का कहना है कि उनका मकसद कनाडा और भारत के बीच तुलना करना बिल्कुल नहीं था, बल्कि वे केवल उस अहसास को बयां कर रही थीं जो हर परदेसी के दिल में छिपा होता है।

इंटरनेट पर छलका एनआरआईज का दर्द

मान्या का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर छा गया और देखते ही देखते हजारों प्रवासियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोग अपनी-अपनी कहानियां साझा कर रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “जब भी मैं छुट्टियों में भारत लौटता हूं, तो किसी देश को देखने नहीं बल्कि अपने माता-पिता और दोस्तों के पास जाता हूं।” वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया कि माता-पिता से हजारों मील दूर रहने का ख्याल ही कई बार आंखों में आंसू ला देता है। यह वीडियो साबित करता है कि इंसान भले ही सात समंदर पार चला जाए, लेकिन उसकी जड़ें हमेशा अपनों के बीच ही टिकी रहती हैं।

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