Chandigarh Diwali Stall: चंडीगढ़ में दिवाली के दौरान अस्थायी स्टॉल लगाकर कारोबार करने की अनुमति देने की व्यवस्था में फर्जीवाड़ा सामने आया है। सेक्टर-22 की मार्केट में कुछ लोगों ने नगर निगम (MC) की नकली पर्चियां तैयार कर स्टॉल संचालकों से परमिशन फीस के नाम पर मोटी रकम वसूल ली। नगर निगम अधिकारियों की चेकिंग में यह गड़बड़ी पकड़ी गई, जिसके बाद निगम ने पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। अब सेक्टर-22 तक सीमित न रहते हुए शहर के सभी प्रमुख बाजारों में अस्थायी स्टॉलों की रैंडम जांच की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने एंफोर्समेंट विंग को साफ निर्देश दिए हैं कि बिना वैध अनुमति स्टॉल लगाने वालों और फर्जी पर्चियों के सहारे कारोबार करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। निगम को आशंका है कि शहर के दूसरे बाजारों में भी इसी तरीके से स्टॉल संचालकों को ठगी का शिकार बनाया गया हो सकता है।
सेक्टर-22 मार्केट में जांच के दौरान खुला फर्जीवाड़ा
हाल ही में सेक्टर-22 मार्केट में जांच के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने अस्थायी स्टॉल संचालकों से अनुमति की रसीद मांगी। कुछ लोगों ने निगम की पर्चियां दिखाईं, लेकिन अधिकारियों ने जब उनका सत्यापन किया तो वे फर्जी निकलीं। आरोप है कि इन नकली पर्चियों को असली बताकर स्टॉल संचालकों से परमिशन फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली गई थी। मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने पुलिस में FIR दर्ज करवाई। अब पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, निगम अधिकारियों ने दूसरे बाजारों में भी ऐसी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
नगर निगम ने शुरुआत में दिवाली के दौरान अस्थायी स्टॉल लगाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था बनाई थी। हालांकि, स्थानीय व्यापारियों के विरोध के बाद ऑनलाइन बुकिंग रोक दी गई और अनुमति देने के लिए ऑफलाइन पर्ची जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी ऑफलाइन व्यवस्था का फायदा उठाकर जालसाजों ने कथित तौर पर नगर निगम के नाम से नकली पर्चियां तैयार कीं। इन पर्चियों के जरिए स्टॉल संचालकों से पैसे वसूले गए। इस मामले ने अनुमति प्रक्रिया में रसीदों के सत्यापन और अधिकृत फीस जमा करने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
सभी प्रमुख बाजारों में रैंडम चेकिंग के निर्देश
फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद कमिश्नर अमित कुमार ने एंफोर्समेंट विंग को शहर के प्रमुख बाजारों में नियमित गश्त और रैंडम चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं। एंफोर्समेंट इंस्पेक्टर स्टॉल संचालकों से अनुमति की पर्चियां लेकर उनका सत्यापन करेंगे। यदि किसी स्टॉल पर फर्जी पर्ची या बिना अनुमति कारोबार होता मिला तो मौके पर कार्रवाई की जाएगी। निगम के निर्देशों के मुताबिक, फर्जी पर्ची मिलने पर स्टॉल का सामान जब्त किया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम ने रेजिडेंशियल इलाकों के आसपास लगाए जा रहे अस्थायी स्टॉलों की भी जांच शुरू कर दी है। रविवार से अगले सात दिनों के लिए जिन स्टॉलों को अनुमति दी जा रही है, उनकी फीस और जारी की गई पर्चियों का सत्यापन किया जाएगा। कमिश्नर अमित कुमार ने शहरवासियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे किसी बिचौलिए या अनधिकृत व्यक्ति को परमिशन के नाम पर पैसे न दें। स्टॉल लगाने के लिए केवल नगर निगम की वैध अनुमति ही स्वीकार करें। इस कार्रवाई का असर उन कारोबारियों पर भी पड़ेगा जो दिवाली के दौरान अस्थायी स्टॉल लगाकर अतिरिक्त कमाई करते हैं। ऐसे में स्टॉल लगाने से पहले अनुमति और फीस की रसीद की वैधता जांचना जरूरी होगा, ताकि त्योहार के समय ठगी और सामान जब्त होने जैसी परेशानी से बचा जा सके।
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