Punjab Elections: पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अब आम आदमी पार्टी भी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा को अपना इस्तीफा भेजा है, जिसकी प्रति AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी भेजी गई है। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वह 1 नवंबर 2026 से पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। अब पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों से भी तत्काल प्रभाव से हटने का फैसला किया है। उनके इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कुंवर विजय प्रताप से पहले रविवार को पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी AAP छोड़ दी थी। इन तीनों विधायकों के दिल्ली में BJP जॉइन करने की बात सामने आई है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पहले पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया। विधानसभा स्पीकर को भेजे गए अपने पत्र में उन्होंने पंजाब और राजनीति को लेकर अपनी सोच का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में राजनीति से ‘माई-बाप कल्चर’ को खत्म करने का प्रयास शामिल है। उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर उन्होंने अपने करीब 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए और जनता को ही अपना प्रेरणा स्रोत मानकर काम किया। AAP से इस्तीफा देते हुए उन्होंने पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा को पत्र भेजा। उन्होंने पार्टी की सदस्यता के साथ-साथ सभी पदों और जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से हटने की बात कही। इस्तीफे की प्रति राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी भेजी गई है।
‘पंजाब को फिर प्रगतिशील और अग्रणी राज्य बनाना है’
अपने इस्तीफे में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पंजाब को दोबारा प्रगतिशील और अग्रणी राज्य बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीति को केवल गली-नाली और रिबन काटने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। पंजाब के सामने नशा, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियां हैं और इन मुद्दों से निपटने के लिए व्यापक प्रयास जरूरी हैं। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि उनका आगे भी उद्देश्य स्वच्छ राजनीति और साफ-सुथरे प्रशासन के लिए काम करना रहेगा। उन्होंने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को ‘पंजाब फर्स्ट’ से जोड़ा और कहा कि इसके अलावा उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है। उन्होंने लिखा कि पंजाब को फिर से एक मजबूत और अग्रणी राज्य बनाने के लिए समाज और राजनीति के विभिन्न वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में लगातार अमृतसर के लोगों की आवाज उठाई। उन्होंने पानी और सीवरेज से जुड़े मुद्दों के साथ शहर की कई प्रमुख समस्याओं को विधानसभा में उठाने का दावा किया। उन्होंने सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गंदा नाला, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, सरकारी मेडिकल कॉलेज और सरूप रानी कॉलेज से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। बरगाड़ी बेअदबी के मामले को लेकर भी वह लगातार अपनी बात रखते रहे। विधायक बनने के बाद से ही इस मुद्दे पर उनके और पार्टी के बीच मतभेद लगातार चर्चा में रहे।
2022 में विधायक बनने के बाद AAP से बढ़ते गए मतभेद
कुंवर विजय प्रताप सिंह के 2022 में विधायक बनने के बाद से ही आम आदमी पार्टी के साथ उनके मतभेद कई मौकों पर सामने आए। वह बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड के मामलों में न्याय की मांग उठाते रहे। उन्होंने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। जनवरी 2023 में उन्होंने पंजाब विधानसभा की सरकारी आश्वासन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी वह कई मौकों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाते रहे। पार्टी और विधायक के बीच राजनीतिक दूरी समय के साथ बढ़ती गई।
जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे से पहले ही AAP को रविवार को दो अन्य विधायकों के रूप में बड़ा झटका लगा था। पटियाला जिले की समाना विधानसभा सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी छोड़ दी थी। यह घटनाक्रम AAP द्वारा पंजाब चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद सामने आया। हालांकि समाना और सनौर सीट से किसी नए उम्मीदवार का एलान नहीं किया गया था। चेतन सिंह जौड़ामाजरा AAP सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। कुछ समय पहले पार्टी ने पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को उनकी जगह समाना विधानसभा सीट का हलका इंचार्ज नियुक्त कर दिया था।
दो विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की मांग करेगी AAP
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग विधानसभा स्पीकर से करेगी। AAP के प्रवक्ता के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण दोनों विधायकों को पहले ही पार्टी से सस्पेंड किया जा चुका था। पार्टी अब उनके विधानसभा पद को लेकर भी स्पीकर के समक्ष अपनी मांग रखेगी। वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा पर रेप का केस दर्ज होने के बाद वह ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। जांच में शामिल होने के लिए लौटने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
पंजाब चुनाव से पहले लगातार तीन विधायकों का पार्टी से अलग होना AAP के लिए राजनीतिक रूप से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खासकर अमृतसर और पटियाला जैसे प्रमुख राजनीतिक क्षेत्रों में यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। कुंवर विजय प्रताप सिंह का मामला इसलिए भी अलग है क्योंकि वह लंबे समय से अपनी सरकार और पार्टी के कुछ मुद्दों पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं। दूसरी तरफ समाना और सनौर के विधायकों का पार्टी छोड़ना पटियाला क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाले अगले राजनीतिक घटनाक्रम पर हैं। यदि तीनों विधायक BJP में शामिल होते हैं, तो पंजाब चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में दल-बदल और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।
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