Yamunanagar Cyber Fraud: यमुनानगर में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले शातिरों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर अपराधी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओएलएक्स (OLX) पर आकर्षक नौकरियों के फर्जी विज्ञापन पोस्ट करते थे और इसके बाद भोले-भाले युवाओं को यमुनानगर बुलाकर उन्हें अपना शिकार बनाते थे। ठगों का यह गिरोह युवाओं को किसी नामी स्कूल या बड़ी कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन और अन्य फीस के नाम पर रकम ऐंठ लेता था।
साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस तरह की ठगी से जुड़ी कम से कम चार अलग-अलग शिकायतें एक ही बैंक खाते से जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में बैंक खाताधारक जगाधरी निवासी अश्विनी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान सामने आया साइबर फ्रॉड का जाल
हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) के निर्देश पर इन दिनों राज्यभर में अवैध और ‘म्यूल’ (Mule) बैंक खातों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जब पंजाब नेशनल बैंक के एक संदिग्ध खाते की पड़ताल की गई, तो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर उस खाते से जुड़ी चार गंभीर शिकायतें दर्ज मिलीं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इन शिकायतों का कालक्रम काफी लंबा है। इनमें से एक शिकायत अप्रैल 2023 की है, दूसरी मई 2024 की है, जबकि दो अन्य शिकायतें इसी साल मार्च और जून 2026 की हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अलग-अलग समय पर हुई इन वारदातों का पैसा घूम-घुमाकर एक ही बैंक खाते में पहुंच रहा था।
कमानी चौक पर बुलाया, फिर मामूली रकम ऐंठकर थमाया फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि अंबाला कैंट के एक बेरोजगार युवक ने जब ओएलएक्स पर सुपरवाइजर की नौकरी का विज्ञापन देखा, तो उसने उस पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने उसे यमुनानगर के व्यस्त कमानी चौक स्थित एक फर्जी कार्यालय में बुलाया। वहां उसे अंबाला के ही एक स्कूल में सुपरवाइजर पद पर पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया और इसके एवज में उससे 1,280 रुपए वसूल लिए गए, जिसके बाद उसे न तो नौकरी मिली और न ही कोई सुराग हाथ लगा।
इसी तरह का दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से जुड़ा है, जहां एक अन्य युवक को आईटीसी (ITC) कंपनी में सुपरवाइजर लगवाने के नाम पर यमुनानगर बुलाया गया और उससे भी 1280 रुपए ठग लिए गए। जब पीड़ित युवक ने अपनी स्तर पर उस कंपनी से संपर्क किया, तो उसे पता चला कि वहां ऐसी कोई वेकेंसी ही नहीं है। साइबर पोर्टल पर दर्ज अन्य दो शिकायतों में भी एक पीड़ित के खाते से 1000 रुपए और दूसरे से 500 रुपए की चपत लगाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस की शिकंजे में आरोपी, मोबाइल नंबरों से जुड़ा तार
साइबर सेल की तकनीकी जांच में यह बात पुख्ता हुई कि पीड़ितों द्वारा ट्रांसफर की गई रकम सीधे जगाधरी के विकास नगर, सरोजनी कॉलोनी निवासी अश्विनी के पंजाब नेशनल बैंक खाते में जा रही थी। बैंक रिकॉर्ड और साइबर पोर्टल पर दर्ज संदिग्ध मोबाइल नंबरों का जब मिलान किया गया, तो खाताधारक के नंबरों और ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नंबरों में सीधी समानता पाई गई।
इस पुख्ता सबूत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने आरोपी अश्विनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य गुर्गों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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