Daljit Singh Death Case: पंजाब के मानसा जिले में दलजीत सिंह की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस मामले में गिरफ्तार युवक मनदीप सिंह की बहन ने घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सामने लाते हुए दावा किया है कि दलजीत सिंह की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि नशे का इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी मौत हुई। बहन के मुताबिक, फुटेज में दलजीत सिरिंज लेकर बाथरूम में जाता दिखाई दे रहा है और काफी देर तक बाहर नहीं आता। इसके बाद जब घर में मौजूद युवकों ने उसे देखा तो वह बेसुध हालत में मिला। यह मामला मानसा जिले के गांव भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह की मौत से जुड़ा है। उसका शव 27 अक्टूबर की सुबह रामानंदी गांव के पास खेतों में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद हत्या की आशंका जताई और दलजीत के पिता जरनैल सिंह की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। अब गिरफ्तार युवक के परिवार की ओर से सामने आए CCTV फुटेज ने मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहन का दावा- सिरिंज लेकर बाथरूम में गया था दलजीत
गिरफ्तार युवक मनदीप सिंह की बहन ने दावा किया कि घटना के समय दलजीत सिंह अपने तीन साथियों के साथ रामानंदी गांव स्थित उनके घर आया था। वहां सभी ने नशा किया। इसी दौरान दलजीत का उसके साथ आए कुछ युवकों से झगड़ा भी हुआ, जिसके बाद कुछ युवक वहां से चले गए। बहन के मुताबिक, दलजीत फोन पर बात करते हुए हाथ में सिरिंज हिलाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह इंजेक्शन लेकर बाथरूम में चला जाता है। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर मनदीप सिंह और वहां मौजूद एक अन्य युवक ने दो-तीन बार बाथरूम में जाकर उसे देखने की कोशिश की। बाद में दलजीत बेसुध हालत में मिला। परिवार का दावा है कि CCTV फुटेज में नशे का इंजेक्शन लगाने से जुड़ी गतिविधियां भी दिखाई देती हैं। हालांकि, फुटेज की वास्तविकता, उसमें दर्ज घटनाक्रम और दलजीत की मौत के कारण की पुष्टि जांच तथा मेडिकल साक्ष्यों से ही हो सकेगी।
मनदीप सिंह की बहन का कहना है कि दलजीत को बेसुध हालत में देखने के बाद युवकों ने उसे बाथरूम से बाहर निकाला और होश में लाने की कोशिश की। उन्होंने उसे नींबू पानी भी पिलाया। इसके बाद उसे गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन परिवार के मुताबिक दलजीत ने उस समय घर छोड़ने के लिए कहा था क्योंकि उसे डर था कि घर पहुंचने पर परिजन उसे डांटेंगे। बहन के अनुसार, इसके बाद दलजीत को चारपाई पर लिटा दिया गया। उसने सवाल उठाया कि यदि उसके भाई और अन्य युवक दलजीत की हत्या करना चाहते तो वे उसे होश में लाने की कोशिश क्यों करते, नींबू पानी क्यों पिलाते और चारपाई पर क्यों लिटाते? परिवार का दावा है कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो और दूसरे सबूत मौजूद हैं। बहन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान गांव भम्मे कलां के तीन युवक वहां पहुंचे थे। ये युवक दलजीत के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक, मारपीट करने के बाद ये युवक वहां से चले गए।
पुलिस ने DVR और मोबाइल फोन कब्जे में लिया
मनदीप सिंह की बहन ने अपने भाई की नशे की लत से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उसने बताया कि मनदीप लंबे समय से नशा करता था। परिवार ने उसका इलाज करवाने के लिए तलवंडी साबो स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया था। बहन के अनुसार, करीब छह-सात महीने पहले मनदीप नशा करने के एक मामले में जेल भी जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से नशा करना शुरू कर दिया। पहले वह चिट्टा पन्नी पर लगाकर नशा करता था, लेकिन बाद में इंजेक्शन के जरिए नशा लेने लगा। परिवार को उसकी आदतों की जानकारी थी, इसलिए घर में CCTV कैमरे लगवाए गए थे। बहन ने पुलिस से मांग की है कि CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान की जाए। यदि दूसरे युवक भी मारपीट में शामिल थे तो उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने केवल गिरफ्तार युवकों को ही मामले में आरोपी बनाया, जबकि घटना के दौरान मौजूद दूसरे लोगों की भूमिका की पर्याप्त जांच नहीं की गई।
मनदीप की बहन के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में घर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में नहीं ली थी। बाद में जब परिवार ने दूसरे पक्ष से मुलाकात के दौरान फुटेज का जिक्र किया तो पुलिस उनके घर पहुंची। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने घर में लगे कैमरों का DVR अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा उस मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया, जिससे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुड़ी हुई थी। अब परिवार चाहता है कि जब्त किए गए DVR और मोबाइल फोन की रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच हो, ताकि घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
27 अक्टूबर को खेतों में मिला था दलजीत का शव
दलजीत सिंह का शव 27 अक्टूबर की सुबह मानसा जिले के रामानंदी गांव के पास खेतों में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद दलजीत के पिता जरनैल सिंह की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर, दलजीत के परिवार का आरोप है कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई। उसकी पत्नी परमजीत कौर ने बताया था कि दलजीत पहले नशे का आदी था, लेकिन उसने करीब तीन सप्ताह पहले नशा छोड़ दिया था। परिवार क्षेत्र में नशे की बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दलजीत की मौत के बाद 27 अक्टूबर को परिवार और ग्रामीण उसका शव लेकर मानसा में चल रहे झोटा के इंसाफ मोर्चे में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रामदित्तेवाला चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। परिवार ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने और शव को जबरन अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस शव को AIIMS बठिंडा ले गई, जहां 28 अक्टूबर को पोस्टमॉर्टम किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस टीम पर हमले के आरोप में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत अलग मामला भी दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना था कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
बहन ने हाईकोर्ट में लगाई थी CBI जांच की मांग
दलजीत की बहन अमरजीत कौर ने मामले की जांच को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने मामले की CBI जांच करवाने, PGI चंडीगढ़ के डॉक्टरों के बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की थी। याचिका में पुलिस पर परिवार की सहमति के बिना शव कब्जे में लेने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने के आरोप भी लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सवाल किया था कि पुलिस ने दलजीत का शव परिवार से अपने कब्जे में क्यों लिया और ऐसा करने से पुलिस को क्या हासिल हुआ? कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रत्येक मृत व्यक्ति को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार का अधिकार है। अब मनदीप सिंह की बहन की ओर से CCTV फुटेज सामने लाने के बाद मामले की जांच और साक्ष्यों की निष्पक्ष पड़ताल की मांग फिर तेज हो गई है। दलजीत की मौत हत्या थी या नशे की ओवरडोज का मामला, इसका फैसला पुलिस जांच और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
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