Uttarakhand Transport: उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई बसें परिवहन निगम के बेड़े में शामिल की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास से उत्तराखंड परिवहन निगम की 59 नई साधारण बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के संचालन से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत करने और यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधा देने में मदद मिलेगी। नई बसें बीएस-06 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप तैयार की गई हैं। सरकार के मुताबिक, इनके परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खास तौर पर उन क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आवागमन आसान नहीं है।
नैनीताल, टनकपुर और देहरादून मंडल को मिलीं बसें
परिवहन निगम की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 59 नई बसों को प्रदेश के तीन मंडलों में आवंटित किया गया है। इनमें नैनीताल मंडल को 19 बसें दी गई हैं, जबकि टनकपुर मंडल और देहरादून मंडल को 20-20 बसें मिली हैं। इन बसों का संचालन अलग-अलग मार्गों पर यात्रियों की जरूरत और उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा। इस आवंटन से तीनों मंडलों में परिवहन निगम की सेवाओं को विस्तार मिलने की उम्मीद है। नई बसों के संचालन से स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा के काम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को भी सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उत्तराखंड में कई गांव और कस्बे पहाड़ी रास्तों तथा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसे हैं। ऐसे क्षेत्रों में बस सेवा केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और जिला मुख्यालयों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए नई बसों का आवंटन पर्वतीय क्षेत्रों की परिवहन जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में कुल 1,276 बसें संचालित हैं। इनमें निगम की अपनी 891 बसें और 385 अनुबंधित बसें शामिल हैं। अब 59 नई बसों के शामिल होने से निगम की परिवहन सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। नई बसें बीएस-06 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप हैं। इन मानकों का उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करना है। ऐसे में नई बसों को बेड़े में शामिल करना सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के साथ पर्यावरणीय मानकों के पालन की दिशा में भी अहम है।
पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सरकार की प्राथमिकता
बसों को रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए केवल सड़क संपर्क होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी जरूरी है। गांवों को बेहतर बस सेवाओं से जोड़ने पर लोगों को जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगम के बेड़े में नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा। सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुविधाजनक आवागमन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सार्वजनिक परिवहन का विशेष महत्व है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बस सेवाएं रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं। बेहतर परिवहन व्यवस्था से लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। धामी ने परिवहन विभाग और उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को नई बसों के संचालन की शुरुआत पर बधाई दी। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को नई बस सेवाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई भी क्षेत्र बेहतर परिवहन सुविधाओं से वंचित न रहे और विकास की प्रक्रिया में सभी क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, समाज कल्याण मंत्री खजान दास और विधायक भूपाल राम टम्टा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा सचिव एवं परिवहन आयुक्त रविनाथ रामन सहित परिवहन विभाग और उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। 59 नई बसों के संचालन से अब संबंधित मंडलों में परिवहन सेवाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी निगम के सामने होगी। यात्रियों को वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि इन बसों को किन मार्गों पर और कितनी नियमितता से संचालित किया जाता है।
Click Here👉जगमार्ग की उत्तराखंड की खबरें पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें


