Rajasthan News: राजस्थान में आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव पूनम ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क केंद्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से अलग-अलग जिलों के परिवादियों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। बातचीत में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्तों का भुगतान, आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की स्थिति, पोषाहार की गुणवत्ता और केंद्रों के समय पर संचालन से जुड़े मामले सामने आए। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का जल्द समाधान करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जोधपुर के कमलेश राणा ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्त का भुगतान नहीं होने की शिकायत रखी। इसी योजना की किस्तों के भुगतान से जुड़ी समस्याएं अजमेर के मनोज और अलवर के अमित ने भी उठाईं। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। बूंदी के बद्री लाल मीणा ने अपने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का काम रुका होने की जानकारी दी। इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्या के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, नागौर के नंदलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत से जुड़ा परिवाद रखा। सचिव पूनम ने बताया कि संबंधित भवन को शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसे जल्द ही दूसरी जगह स्थानांतरित कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी इस काम में देरी करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पोषाहार की गुणवत्ता पर शिकायत, जांच के तीन स्तरों की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान परिवादी वंदना ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की। इस पर सचिव ने बताया कि पोषाहार में अतिरिक्त पोषक तत्व मिलाए जाते हैं और उसकी गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जाती है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला चावल सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होता है और उसमें किसी तरह की मिलावट नहीं की जाती। इसके बावजूद यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खैरथल-तिजारा के बलराम ने पोषाहार वितरण और आंगनबाड़ी केंद्र के समय पर नहीं खुलने से जुड़ी शिकायत रखी। सचिव ने संबंधित अधिकारी को समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पूनम ने परिवादियों की जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। इससे वे समय रहते अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं और उनके समाधान में मदद मिलती है।
53 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज, 74.31 प्रतिशत लोगों ने जताई संतुष्टि
महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 5 नवंबर 2026 तक राजस्थान संपर्क 181 पर कुल 53,872 परिवाद दर्ज किए गए। इनमें से 53,013 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है, जबकि 859 परिवाद अभी लंबित हैं। शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि 16 दिन रही। विभाग के अनुसार, सत्यापित 32,558 परिवादों में से 24,193 मामलों में शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतुष्टि जताई। यह कुल सत्यापित परिवादों का 74.31 प्रतिशत है। ये आंकड़े शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ समाधान को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया की स्थिति भी बताते हैं। निरीक्षण के दौरान सचिव ने राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कर्मचारियों को अच्छे काम के लिए बधाई दी और बेहतर सेवा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राजस्थान संपर्क 181 के माध्यम से आमजन की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और उनकी प्रभावी निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के साथ उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नजर रखना है।
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