Dhanteras Ganesh Lakshmi Murti: दीपावली के ठीक दो दिन पहले आने वाले धनतेरस के पर्व पर खरीदारी का विशेष महत्व है। इस दिन लोग अपनी क्षमता के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन और शुभ वस्तुएं खरीदते हैं। इनमें सबसे अहम होती है भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की नई प्रतिमाएं, जिन्हें दीपावली की शाम मुख्य पूजा के दौरान स्थापित किया जाता है। लेकिन बाजार की चकाचौंध में मूर्ति खरीदते वक्त केवल उसकी सुंदरता नहीं, बल्कि उसके शास्त्र सम्मत स्वरूप और बनावट को परखना जरूरी है।
कैसी होनी चाहिए माता लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा? (Dhanteras Shopping Rules Hindi)
शास्त्रों और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर माता लक्ष्मी की ऐसी मूर्ति खरीदनी चाहिए जिसमें वे कमल के फूल पर बैठी हुई हों। कमल का यह स्वरूप पवित्रता और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। (Laxmi Ganesh Idols Material) माता का एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो और दूसरे हाथ से सोने के सिक्के गिरते हुए दिखाई दें, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
वहीं, गणेश जी की मूर्ति लेते वक्त उनकी सूंड पर गौर करें। घर की घरेलू पूजा के लिए बाईं तरफ मुड़ी सूंड (वाममुखी) वाले गणेश जी सबसे उत्तम माने जाते हैं। उनके हाथ में मोदक और पास में उनका वाहन मूषक अवश्य होना चाहिए।
अलग-अलग मूर्तियां खरीदें या संयुक्त प्रतिमा?
बाजार में गणेश-लक्ष्मी की अलग-अलग मूर्तियां और एक ही बेस पर बनी कंबाइंड (संयुक्त) प्रतिमाएं दोनों उपलब्ध रहती हैं। जानकारों के मुताबिक, घर की पूजा के लिए देवी-देवताओं की अलग-अलग मूर्तियां लाना ज्यादा सुविधाजनक होता है। इससे पूजा की चौकी पर दोनों को उचित और अलग आसन दिया जा सकता है। हालांकि, अगर आप संयुक्त प्रतिमा भी ला रहे हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि दोनों का स्वरूप स्पष्ट हो और मूर्ति कहीं से भी खंडित न हो।
किस धातु या सामग्री की मूर्ति लाना है फलदायी? (Vammukhi Ganesh Murti Dhanteras)
आजकल बाजार में तरह-तरह की सामग्री से बनी मूर्तियां बिकती हैं। दीपावली की वार्षिक पूजा के लिए पारंपरिक मिट्टी की प्रतिमा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है, बशर्ते उसे प्राकृतिक रंगों से सजाया गया हो।
इसके अलावा पीतल और चांदी की मूर्तियां भी लोग बड़े चाव से खरीदते हैं, जिन्हें संभालकर हर साल पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। पर्यावरण के लिहाज से ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ (POP) से बनी मूर्तियों से बचना चाहिए, क्योंकि ये पानी में आसानी से नहीं घुलतीं और जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाती हैं।
घर लाने के बाद ऐसे करें स्थापना
धनतेरस पर मूर्ति खरीदने के बाद उसे साफ और नए कपड़े में लपेटकर घर के पूजा स्थल तक लाएं। दीपावली की शाम पूजा से पहले घर के मंदिर या चौकी को अच्छी तरह साफ कर उसपर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। इसके बाद गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों को विधि-विधान से स्थापित करें। पूजा के दौरान उन्हें रोली, अक्षत, फूल, चंदन और मौसमी फलों का भोग लगाएं। अंत में घी का दीपक जलाकर दोनों की आरती करें और घर में सुख-शांति की कामना करें।
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