Indri News: करनाल जिले के इंद्री खंड में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। गांव सातड़ी में पंचायती जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में करनाल के उपायुक्त (डीसी) डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। उपायुक्त ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत ग्राम पंचायत सातड़ी के सरपंच विक्रम और महिला पंच रजनी देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जांच में खुली पोल: सरपंच के पिता और पंच के पति का निकला अवैध कब्जा
उपायुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, विवादित पंचायती भूमि की प्राथमिक जांच के दौरान तीन लोगों द्वारा नाजायज कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में जिन कब्जाधारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें खुद निलंबित सरपंच विक्रम के पिता सुरेश (पुत्र चांद राम), महिला पंच रजनी देवी के पति राजकिशन और रमेश चंद (पुत्र कुड़ा राम) शामिल हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में गांव के ही विशाल नामक व्यक्ति के मकान का भी जिक्र है, जो लाल डोरे की जमीन पर निर्मित बताया गया है।
हाईकोर्ट पहुंचा था मामला, छह महीने में कार्रवाई के दिए गए थे निर्देश
पंचायती जमीन पर कब्जे का यह विवाद काफी समय से गर्माया हुआ था और मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक जा पहुंचा था। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 17 फरवरी 2025 को राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आदेश दिए थे कि छह महीने के भीतर नियमानुसार पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाए। हालांकि, इससे पहले भी पंचायत विभाग द्वारा संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए थे और व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर आखिरकार निलंबन का चाबुक चल ही गया।
एक महीने में रिपोर्ट तलब, प्रशासनिक महकमे में मची खलबली
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को इस मामले की नियमित जांच का जिम्मा सौंपा है। जांच अधिकारी को एक महीने के अंदर रिपोर्ट तैयार कर दो महीने के भीतर डीसी कार्यालय में प्रस्तुत करने की समय सीमा दी गई है। वहीं, एसडीएम इंद्री और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) इंद्री को नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में बीडीपीओ गुरमालक ने बताया कि सरपंच को निलंबित कर दिया गया है और उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
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