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दिवाली पर किस दिशा में बनाएं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न? जानें सही जगह और नियम

दिवाली पर किस दिशा में बनाएं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न? जानें सही जगह और नियम

दिवाली पर किस दिशा में बनाएं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न? जानें नियम

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AAmit Gupta

Lakshmi Charan Paduka Direction : दिवाली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। साल 2026 में यह पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छता, पवित्रता व भक्ति वाले घर में वास करती हैं। इसी मान्यता के चलते लोग घर के मुख्य द्वार पर उनके चरण चिह्न बनाकर स्वागत करते हैं।

हालांकि, चरण पादुका बनाते समय उनकी दिशा और स्थान का ध्यान रखना भी परंपरा का हिस्सा है। मान्यता के अनुसार, पैरों की उंगलियों का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए, ताकि यह मां लक्ष्मी के घर में प्रवेश करने का प्रतीक बने।

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चरण पादुका का क्या है महत्व?

हिंदू धार्मिक परंपरा में मां लक्ष्मी के चरण चिह्न धन, सुख, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक माने जाते हैं। दिवाली, धनतेरस और लक्ष्मी पूजन के अवसर पर इन्हें घर, दुकान या कार्यालय में बनाना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुख्य द्वार पर चरण चिह्न बनाने का उद्देश्य मां लक्ष्मी का घर में स्वागत करना है। इन्हें समृद्धि और खुशहाली की कामना से बनाया जाता है।

मुख्य द्वार पर कहां बनाएं चरण चिह्न?

धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां लक्ष्मी के चरण चिह्न घर के मुख्य दरवाजे की दहलीज के ठीक अंदर फर्श पर या दरवाजे के बगल में बनाए जा सकते हैं। इन्हें घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के सामने अथवा बगल में भी स्थापित किया जा सकता है।

चरण चिह्न बनाते समय पैरों की उंगलियों का रुख घर के अंदर की ओर रखें। इसे मां लक्ष्मी के घर में प्रवेश करने का प्रतीक माना जाता है।

किन रंगों से बनाएं चरण पादुका?

मान्यता के अनुसार, चरण चिह्न लाल, गुलाबी, पीले या हरे रंग से बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा चावल के आटे और सिंदूर का इस्तेमाल भी किया जाता है।

चरण पादुका का आकार साफ-सुथरा और सामान्य हथेली के बराबर या उससे छोटा रखा जा सकता है। इन्हें बनाने के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां उनकी आकृति स्पष्ट दिखाई दे और स्थान की सफाई बनाए रखना आसान हो।

कौन-सी गलतियां करने से बचें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चरण चिह्नों की उंगलियां बाहर की ओर रखने से बचना चाहिए। बाहर की ओर मुख वाले पदचिह्नों को मां लक्ष्मी के घर से बाहर जाने का प्रतीक माना जाता है।

चरण पादुका के आसपास सफाई रखें और वहां कूड़ेदान या भारी सामान न रखें। दिवाली पर घर के मुख्य द्वार को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना भी पूजा की तैयारियों का हिस्सा है। #Diwali2026 #LakshmiPuja #Diwali

ध्यान दें: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इन मान्यताओं की वैज्ञानिक पुष्टि का दावा नहीं किया गया है।

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