Breaking News
Bhiwani News: भिवानी के लोहारू में दर्दनाक हादसा, पेड़ से लटका मिला 65 वर्षीय बुजुर्ग का शव, शिनाख्त नहींउत्तराखंड में गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बीच बवाल, कांग्रेस ने बैरिकेडिंग तोड़ी; गोदियाल-माहरा जंगल के रास्ते निकलेकुल्लू दशहरा में सतिंदर सरताज ने बिखेरा अपना जादू, खचाखच भरा कला केंद्र; आज लंका दहन के साथ समापनSRK King Movie: शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ का खूंखार पोस्टर रिलीज, हाथ में बंदूक और मुंह में गुलाब लिए आए नजरकरवा चौथ के कलश में जल के अलावा क्या रखें? जानें सिक्का, चावल और सुपारी का महत्वBhiwani News: भिवानी के लोहारू में दर्दनाक हादसा, पेड़ से लटका मिला 65 वर्षीय बुजुर्ग का शव, शिनाख्त नहींउत्तराखंड में गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बीच बवाल, कांग्रेस ने बैरिकेडिंग तोड़ी; गोदियाल-माहरा जंगल के रास्ते निकलेकुल्लू दशहरा में सतिंदर सरताज ने बिखेरा अपना जादू, खचाखच भरा कला केंद्र; आज लंका दहन के साथ समापनSRK King Movie: शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ का खूंखार पोस्टर रिलीज, हाथ में बंदूक और मुंह में गुलाब लिए आए नजरकरवा चौथ के कलश में जल के अलावा क्या रखें? जानें सिक्का, चावल और सुपारी का महत्व

करवा चौथ के कलश में जल के अलावा क्या रखें? जानें सिक्का, चावल और सुपारी का महत्व

करवा चौथ के कलश में जल के अलावा क्या रखें? जानें सिक्का, चावल और सुपारी का महत्व

करवा चौथ के करवे में क्या भरें? जानें जल, अक्षत और सुपारी की परंपरा

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
AAmit Gupta

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं। पूजा में करवा और कलश का विशेष स्थान होता है, जबकि रात को चंद्रमा निकलने पर कई परंपराओं में जल से अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे में पूजा की तैयारी करने वाली महिलाओं के लिए यह जानना जरूरी है कि करवे में जल के अलावा कौन-सी सामग्री रखी जाती है और किन चीजों को अलग से अर्पित किया जा सकता है।

करवे में क्या-क्या रखें?

विज्ञापन

करवा चौथ की पूजा के लिए करवे या कलश में साफ जल भरना प्रमुख परंपराओं में शामिल है। इसी जल से कई परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, इसलिए साफ बर्तन और स्वच्छ जल का इस्तेमाल करें।

कुछ परिवारों में करवे के जल में एक सिक्का डालने की परंपरा भी है। सिक्के को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसे जल में डालना अनिवार्य नहीं है।

अक्षत और सुपारी का क्या महत्व है?

हिंदू पूजा-पद्धति में अक्षत यानी साबुत चावल का विशेष महत्व है। इन्हें शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। कुछ परिवार अक्षत को कलश में रखते हैं, जबकि कई जगह इन्हें तिलक लगाने और पूजा के दौरान अर्पित करने के लिए अलग रखा जाता है।

सुपारी का इस्तेमाल भी कई धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। इसे पूजा सामग्री में शामिल किया जा सकता है, लेकिन सिक्का, अक्षत और सुपारी को करवे के पानी में डालना जरूरी नहीं है। इन्हें पूजा की थाली में अलग रखकर भी अर्पित किया जा सकता है।

करवा और अर्घ्य के लोटे में क्या अंतर है?

करवा आमतौर पर मिट्टी या धातु का पात्र होता है, जिसे पूजा के दौरान देवी-देवताओं के सामने रखा जाता है। कई परिवारों में इसमें गेहूं के दाने, खील या बताशे भी रखे जाते हैं।

वहीं, अर्घ्य देने के लिए तांबे, पीतल या चांदी के लोटे का इस्तेमाल किया जा सकता है। रात को चंद्रमा दिखाई देने पर इसी पात्र से जल अर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है।

करवा चौथ में कलश का क्या महत्व है?

करवा चौथ की पूजा में करवा या कलश को शुभता और मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा के दौरान पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं।

कई परिवारों और क्षेत्रों में करवे के आदान-प्रदान की परंपरा भी निभाई जाती है। पूजा सामग्री और विधि में परिवारों तथा स्थानीय परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है, इसलिए अपने घर में चली आ रही रीति का भी ध्यान रखें।

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

ट्रेंडिंग की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।