Garba Dress Return viral: त्योहारी सीजन में सजने-संवरने का शौक अब ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। नवरात्र और डांडिया नाइट्स का दौर खत्म होते ही ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर सामान लौटाने की जैसे बाढ़ आ गई है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें डिलीवरी ब्वॉयज वियरहाउस (Viral video delivery agent return) या अपनी गाड़ियों में चनिया-चोली, लहंगे और पारंपरिक लिबास के सैकड़ों पार्सल दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में एजेंट हंसते हुए यह बयां कर रहे हैं कि कैसे उत्सव समाप्त होते ही कपड़ों की वापसी का सिलसिला शुरू हो जाता है। (festive shopping India trends) इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Nishantchant नामक हैंडल से शेयर किया गया है, जिसके बाद से इस पर बहस छिड़ गई है।
क्या है ‘वॉर्डरोबिंग’ का यह नया चलन?
इस वायरल ट्रेंड को इंटरनेट की भाषा में ‘वॉर्डरोबिंग’ कहा जा रहा है, जिसका मतलब है कि लोग महंगे आउटफिट्स सिर्फ एक या दो दिन के फंक्शन के लिए खरीदते हैं और इस्तेमाल करने के बाद उन्हें वापस कर देते हैं। इंटरनेट पर लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। (wardrobing fashion trend India) कई यूजर्स ने इसे “शेमलेस जनरेशन” करार दिया है, जो बिना पैसे खर्च किए स्टाइलिश दिखने के लिए आसान रिटर्न पॉलिसी का दुरुपयोग करती है।
आमतौर पर फैशन कैटेगरी में रिटर्न रेट पहले से ही 20 से 40 प्रतिशत के बीच रहता है, लेकिन त्योहारी सीजन के तुरंत बाद यह ग्राफ और अधिक ऊपर चला जाता है। डिलीवरी एजेंटों के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती बन जाती है, क्योंकि उन्हें इस्तेमाल किए जा चुके कपड़ों के इन बंडलों को वापस लाकर उनकी री-पैकेजिंग और जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
कंपनियों और लॉजिस्टिक्स पर पड़ रहा भारी असर
Dandiya khatam … Dress return
Shameless generation https://t.co/Jzqye1WZeV
— Nishant (@Nishantchant) October 16, 2026
इस तरह के मामलों पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे बजट में रहकर फैशनेबल दिखने का हथकंडा मानकर मजाक के तौर पर ले रहे हैं, वहीं जानकारों का मानना है कि यह चलन अनैतिक होने के साथ-साथ कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है।
रिटर्न लॉजिस्टिक्स में शिपिंग, क्वालिटी इंस्पेक्शन, री-पैकेजिंग और कपड़ों की वैल्यू कम होने का खामियाजा ब्रांड्स को भुगतना पड़ता है। यही वजह है कि अब कई ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी रिटर्न पॉलिसी को सख्त करने पर विचार कर रही हैं। (ecommerce return logistics cost) विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस चलन से बचने के लिए लोगों को रेंटल (किराए पर कपड़े देने वाली) सेवाओं का रुख करना चाहिए, जो न सिर्फ किफायती हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।
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