Farmers News Khanauri Border: किसानों का फिर दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर पर 5 लेयर सील, 51 पदयात्री मिट्टी लेकर जंतर-मंतर रवाना

किसानों का फिर दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर पर 5 लेयर सील, 51 पदयात्री मिट्टी लेकर जंतर-मंतर रवाना
Farmers News Khanauri Border: किसानों के एक बार फिर दिल्ली की ओर रुख करने की सुगबुगाहट के साथ ही हरियाणा-पंजाब की सीमाओं पर प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है। जींद जिले से सटी सीमा पर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुकी है। संवेदनशील माने जाने वाले खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर को एहतियातन पूरी तरह सील कर दिया गया है। मौके पर 5 लेयर की भारी-भरकम बैरिकेडिंग के साथ ही सीमेंट के बड़े-बड़े ब्लॉक और कंटेनर रखकर सड़क को ब्लॉक कर दिया गया है, ताकि किसानों के जत्थे को सीमा पार करने से रोका जा सके।
सुबह 11 बजे जुटने शुरू होंगे किसान, अरदास के बाद दोपहर 3 बजे शुरू होगी यात्रा
खनौरी बॉर्डर से आज बहुचर्चित ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत होने जा रही है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सीमा के पास स्थित गुरुद्वारे में सुबह 11 बजे से ही किसानों का जमावड़ा शुरू हो जाएगा। दोपहर करीब 12:30 बजे धार्मिक अरदास के बाद किसान नेताओं की सभा होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे 51 किसानों का विशेष जत्था शुभकरण सिंह की शहादत वाली जगह की मिट्टी उठाकर दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए पैदल कूच करेगा।
228 किमी की लंबी यात्रा, बेलरखा गांव में होगा पहला पड़ाव
खनौरी बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक की यह पदयात्रा लगभग 228 किलोमीटर लंबी होगी। किसान नेताओं का कहना है कि 51 पदयात्रियों का यह जत्था प्रतिदिन तय दूरी तय करते हुए दिल्ली की ओर बढ़ेगा। इस यात्रा का पहला पड़ाव जींद जिले का बेलरखा गांव तय किया गया है, जहां पदयात्री रात का विश्राम करेंगे और अगले दिन सुबह अपनी आगे की यात्रा शुरू करेंगे।
वाहन चालकों की बढ़ी मुसीबतें, पुलिस ने कई रूट किए डायवर्ट
खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर को पूरी तरह बंद किए जाने के कारण पंजाब और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य राजमार्ग पर यातायात ठप होने की वजह से पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्जन लागू किया है। हिसार, संगरूर और पटियाला की ओर जाने वाले भारी वाहनों व यात्रियों को वैकल्पिक ग्रामीण रास्तों से भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाने जरूरी थे।
