September 22, 2026

Ganesh Visarjan Time: गणपति बप्पा को विदाई देने का सही समय क्या है? पढ़ें सुबह से लेकर रात तक के सभी चौघड़िया मुहूर्त

0
Ganesh Visarjan Time: गणपति बप्पा को विदाई देने का सही समय क्या है? पढ़ें सुबह से लेकर रात तक के सभी चौघड़िया मुहूर्त

Ganesh Visarjan Time: गणपति बप्पा को विदाई देने का सही समय क्या है? पढ़ें सुबह से लेकर रात तक के सभी चौघड़िया मुहूर्त

Ganesh Visarjan Time: दस दिनों तक भक्तों के घरों और भव्य पूजा पंडालों में विराजमान रहने के बाद सिद्धि विनायक श्री गणेश अब अपनी विदाई की ओर हैं। गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi Ganesh Visarjan) के दिन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा-उल्लास के साथ प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा।

यूं तो कई श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार तीसरे, पांचवें या सातवें दिन भी बप्पा का विसर्जन कर देते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से अनंत चतुर्दशी का दिन गणेश विसर्जन के लिए सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। (Ganpati Visarjan Puja Vidhi) पंचांग के अनुसार इस बार चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगी।

दिनभर उपलब्ध रहेंगे विसर्जन के कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त

जो श्रद्धालु अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई देने जा रहे हैं, उनके लिए पूरे दिन विसर्जन के अलग-अलग शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे:

प्रातःकाल का पहला मुहूर्त: सुबह 06:11 बजे से 10:42 बजे तक।

दोपहर का मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 01:43 बजे तक।

सायंकाल का मुहूर्त: शाम 04:44 बजे से 06:14 बजे तक।

रात्रि का मुहूर्त (लाभ चौघड़िया): रात 09:14 बजे से 10:43 बजे तक।

मध्यरात्रि व भोर का मुहूर्त: 26 सितंबर की तड़के रात 12:13 बजे से सुबह 04:42 बजे तक (शुभ, अमृत और चर मुहूर्त)।

विधिवत पूजा और आरती के बाद ही करें प्रस्थान

शास्त्रों के अनुसार विसर्जन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले भगवान गणेश की पूर्ण विधि-विधान से अंतिम पूजा की जानी चाहिए। प्रतिमा के समक्ष धूप, दीप जलाएं, ताजे पुष्प अर्पित करें और मोदक या दुर्वा का भोग लगाएं। (Choghadiya Muhurat Visarjan) इसके बाद पूरे परिवार व श्रद्धालुओं के साथ गणपति जी की आरती उतारें। पूजा संपन्न होने के बाद “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” और “गणेश महाराज की जय” के गगनभेदी जयकारों के साथ प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल की ओर ले जाने का विधान है।

घर पर विसर्जन और प्रशासनिक दिशा-निर्देश

पर्यावरण संरक्षण और सुगमता को ध्यान में रखते हुए छोटी मिट्टी की गणेश मूर्तियों का घर पर ही विसर्जन करना बेहद उत्तम माना जाता है। इसके लिए किसी बड़े और स्वच्छ टब या बर्तन में पानी भरकर उसमें थोड़ा गंगाजल और ताजे फूल डाल लें। (Indian Festival News) फिर पूर्ण श्रद्धा भाव से प्रतिमा को उसमें प्रवाहित करें। वहीं, सार्वजनिक पंडालों और मंदिरों की बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों, कृत्रिम तालाबों और तय दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

यह भी पढ़ें– Mangal Gochar: मंगल का कर्क राशि में नीच गोचर, इन राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, जानें 12 राशियों का हाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed