Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा की सियासत में इन दिनों गजब की हलचल देखी जा रही है। विधान सभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है।
इसी कड़ी में चंडीगढ़ के सत्ता गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी 28 जुलाई को मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक बुलाई है। यह बैठक चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल पर बने मुख्य सभा कक्ष में सुबह 11 बजे शुरू होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह बैठक कई मायनों में खास होने वाली है। चूंकि राज्य में चुनाव बेहद करीब हैं, इसलिए मुख्यमंत्री नायब सैनी इस बैठक के जरिए प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर कुछ ऐसे बड़े फैसले ले सकते हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़े।
सूत्रों का कहना है कि बैठक के एजेंडे में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) से जुड़ी नई विकास परियोजनाएं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज और समाज के पिछड़े व मध्यम वर्ग के लिए नई जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका शामिल है। सरकार की कोशिश है कि आचार संहिता लागू होने से पहले तमाम बड़े फैसलों को अमलीजामा पहना दिया जाए।
मानसून सत्र की तैयारियों को मिलेगी अंतिम रूपरेखा, विपक्ष को घेरने की रणनीति
इस कैबिनेट बैठक का एक और सबसे महत्वपूर्ण पहलू विधान सभा के आगामी मानसून सत्र की तारीखों का तय होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि 28 जुलाई की चर्चा के बाद सरकार सत्र बुलाने की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। चुनावी साल होने के कारण यह मानसून सत्र बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं, जहां विपक्ष कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा।
ऐसे में सैनी कैबिनेट इस सत्र की अवधि और विधायी कार्यों की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ विपक्ष के हमलों का आक्रामक जवाब देने की रणनीति पर भी मंत्रियों से विचार-विमर्श करेगी।कुल मिलाकर, 28 जुलाई की दोपहर तक चंडीगढ़ सचिवालय से निकलने वाले फैसले आगामी दिनों में हरियाणा की राजनीतिक दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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