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PM Kisan eKYC free Haryana: हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! अब सीएससी पर मुफ्त होगी 'किसान रजिस्ट्री' और e-KYC, सरकार देगी पैसे

AAmandeep Singh
हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! अब सीएससी पर मुफ्त होगी 'किसान रजिस्ट्री' और e-KYC, सरकार देगी पैसे
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हरियाणा। हरियाणा के किसानों के लिए खेती-किसानी से जुड़े सरकारी कागजात तैयार करवाना अब बेहद आसान और किफायती होने जा रहा है। सूबे की सरकार ने ग्रामीण स्तर पर दी जाने वाली डिजिटल सेवाओं को लेकर एक बड़ा और किसान हितैषी फैसला लिया है। अब राज्यभर के कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) के माध्यम से होने वाली ‘किसान रजिस्ट्री’ और पीएम-किसान सम्मान निधि के लिए जरूरी ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त कर दी गई है। इस पूरी कवायद में तेजी लाने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।

15 रुपये का सेवा शुल्क खुद चुकाएगी सरकार, वसूली पर रोक

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आमतौर पर कॉमन सर्विस सेंटरों पर इन तकनीकी कामों के लिए किसानों को अपनी जेब से तयशुदा फीस देनी पड़ती थी, जिससे छोटे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आधिकारिक तौर पर बताया कि पीएम-किसान ई-केवाईसी और पंजीकरण के लिए प्रति किसान लगने वाले 15 रुपये के सेवा शुल्क का भुगतान अब सीधे सरकार करेगी। इसके साथ ही फील्ड में काम कर रहे सभी सीएससी संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस काम के लिए किसानों से किसी भी तरह की नकद राशि या अतिरिक्त शुल्क न वसूलें।

‘एग्रीस्टैक’ से सुधरेगा व्यवस्था का ढांचा, बिचौलियों का खेल होगा खत्म

दरअसल, इस पूरी मुहिम के पीछे केंद्र सरकार की ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) पहल काम कर रही है, जिसके तहत देश के सभी किसानों का एक साझा और प्रामाणिक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने से कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सब्सिडी, विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं और फसल बीमा का क्लेम सीधे लक्षित लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचेगा। इस डिजिटल पारदर्शी ढांचे के तैयार होने के बाद कागजी हेरफेर और बिचौलियों का दखल पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे सीधे तौर पर आम किसान को अपनी उपज और हक का पूरा लाभ मिल सकेगा।

देश के अन्य राज्यों से सीख लेकर हरियाणा ने पकड़ी रफ्तार

डिजिटल किसान पंजीकरण के मामले में देश के कई अन्य राज्य वर्तमान में काफी आगे चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, असम और ओडिशा जैसे राज्यों में अब तक करीब 2.8 करोड़ से अधिक किसानों का सफलतापूर्वक डिजिटल पंजीकरण किया जा चुका है। इसी तर्ज पर अब हरियाणा सरकार भी अपने राज्य की किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया को ज्यादा तेज, सुलभ और सरल बनाना चाहती है। यही वजह है कि प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाने और सीएससी केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि आगामी सीजन से पहले शत-प्रतिशत डेटाबेस का काम पूरा किया जा सके।

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