Guest Teacher Protest: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सालों से अपनी सेवाएं दे रहे 10,757 गेस्ट टीचर्स का सब्र आखिरकार जवाब दे गया है। अपनी नौकरी पक्की कराने और अदालती आदेशों को लागू करवाने की मांग को लेकर रविवार को हजारों अतिथि शिक्षकों ने कुरुक्षेत्र में विशाल ‘न्याय रैली’ निकाली। दोपहर ढाई बजे पिपली के ताज पार्क से जब यह शिक्षक चंडीगढ़ के लिए पैदल कूच करने निकले, तो माहौल पूरी तरह से गर्मा गया।
पिपली मिनी जू के पास पहुंचते ही आक्रोशित शिक्षक सीधे नेशनल हाईवे (Kurukshetra Guest Teacher Nyay Yatra) की मुख्य सड़क पर बैठ गए। इस दौरान महिला गेस्ट टीचर्स ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। एनएच-1 पर अचानक हुए इस चक्का जाम (GT Road Jam Kurukshetra) से वाहनों के पहिये थम गए और देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों का पहला पड़ाव शाहाबाद में होगा, जिसके बाद वे पैदल ही चंडीगढ़ पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
23 जून से जारी है पक्का करने की जंग, 10 अक्टूबर को चला था वाटर कैनन
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन की कमान संभाल रहे पदाधिकारियों का कहना है कि वे बीते 23 जून से लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी जब वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया था।
डीएसपी हेडक्वार्टर और सिटी थाना थानेसर के एसएचओ पुलिस बल के साथ रैली के आगे-आगे चल रहे हैं और ट्रैफिक को सुचारू कराने में जुटे हैं। लेकिन पक्की नौकरी की आस में सड़कों पर उतरे इन शिक्षकों के तेवर साफ बता रहे हैं कि वे इस बार बिना कोई ठोस आश्वासन लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं।
2014 की नीति और 6% ब्याज के साथ बकाया लाभ की मांग
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश प्रधान दिनेश यादव और प्रवक्ता डॉ. अजय लोहान ने अपनी मुख्य मांगों को रखते हुए कहा कि सरकार वर्ष 2014 में बनाई गई तीन साल की नियमितीकरण नीति के तहत सभी पात्र शिक्षकों को तुरंत पक्का करे। शिक्षकों की मांग है कि अदालत के आदेशों के अनुसार उन्हें 28 मई 2014 से ही नियमित कर्मचारी माना जाए।
इसके साथ ही नियमितीकरण की तारीख से बकाया वेतन और एरियर पर 6 प्रतिशत ब्याज, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य सेवा लाभ दिए जाएं। राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया, बलजीत सिंह ढिल्लों और कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि नए सेवा नियमों में ईपीएफ (EPF), सालाना वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल लीव और पक्का करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है, जो उनके साथ छलावा है।
26 को मंत्रियों का घेराव, 1 नवंबर को 6 जिलों में होंगी विशाल रैलियां
न्याय यात्रा के साथ-साथ संघर्ष मोर्चा ने अपने आंदोलन को और उग्र करने की पूरी रणनीति बना ली है। 26 अक्टूबर को राज्य भर के सभी विधायकों और मंत्रियों को उनकी चौखट पर जाकर मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद हरियाणा के स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर को प्रदेश के छह बड़े मुख्य केंद्रों—गुरुग्राम, कैथल, अंबाला, करनाल, हिसार और रोहतक में बड़ी जनरैलियां करने की तैयारी है। शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार ने अब भी उनकी मांगों पर न्यायोचित फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और व्यापक रूप ले लेगा।
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