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Haryana News: पानीपत शुगर मिल में लगेगा 200 करोड़ का इथेनॉल प्लांट, सीएम नायब सैनी ने दी बड़ी मंजूरी

Haryana News: पानीपत शुगर मिल में लगेगा 200 करोड़ का इथेनॉल प्लांट, सीएम नायब सैनी ने दी बड़ी मंजूरी

Haryana News: पानीपत शुगर मिल में लगेगा 200 करोड़ का इथेनॉल प्लांट, सीएम नायब सैनी ने दी बड़ी मंजूरी

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Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूबे के किसानों और चीनी उद्योग को एक बड़ा रणनीतिक बढ़ावा देते हुए पानीपत शुगर मिल में नया इथेनॉल प्लांट लगाने के प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। सहकारिता विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह प्लांट 90 KLPD (किलो लीटर प्रति दिन) क्षमता का होगा और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ‘मल्टी-फीड’ प्लांट होगा, यानी इसमें गन्ने के रस के अलावा अन्य कृषि अवशेषों से भी इथेनॉल तैयार किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए फाइल को हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) के पास भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2027-28 तक यह प्लांट पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को उनके गन्ने का बेहतर दाम समय पर मिल सकेगा।

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जींद में बनेगा ₹100 करोड़ का हाईटेक फायर ट्रेनिंग सेंटर

प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को गृह और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने एक और बड़ी उपलब्धि से अवगत कराया। हरियाणा में फायर ब्रिगेड के ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए जींद जिले के खेड़ी मसानिया गांव में एक नया फायर ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है।

100 करोड़ रुपये के बजट वाले इस सेंटर के लिए जरूरी जमीन की रजिस्ट्री का काम आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया गया है। इस सेंटर की ड्राइंग और विस्तृत डिजाइनिंग का जिम्मा संभाल रहे PWD (B&R) विभाग को शुरुआती चरण के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि भी ट्रांसफर कर दी गई है। इस सेंटर के बनने से प्रदेश के अग्निशमन कर्मियों को आधुनिक तकनीकों और आपदाओं से निपटने का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण राज्य में ही मिल सकेगा।

ऊंची इमारतों के रेस्क्यू के लिए ₹120 करोड़ का ‘एरियल लैडर’

शहरीकरण के इस दौर में साइबर सिटी गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में आसमान छूती इमारतों (High-Rise Buildings) की सुरक्षा हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है। इसी चुनौती से निपटने और आपदा प्रबंधन को पुख्ता करने के लिए राज्य सरकार ने 120 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 104 मीटर ऊंचे ‘एरियल लैडर प्लेटफॉर्म’ (एक तरह की अत्यधिक ऊंची हाइड्रोलिक क्रेन और सीढ़ी) खरीदने का फैसला किया है।

इसकी खरीद के नियमों को अंतिम रूप देते हुए संशोधित आरएफपी (Request for Proposal) सरकार को सौंप दिया गया है। इतनी ऊंचाई वाला प्लेटफॉर्म आने के बाद बहुमंजिला इमारतों में आग लगने या अन्य किसी बड़े संकट के समय रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

‘डेडलाइन का रखें ध्यान, देरी बर्दाश्त नहीं’— मुख्यमंत्री की चेतावनी

इन सभी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कड़ा रुख भी देखने को मिला। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि सरकार के स्तर पर बजट या मंजूरियों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन जमीन पर काम की रफ्तार सुस्त नहीं पड़नी चाहिए।

सीएम ने कहा कि सरकारी पैसे का सही इस्तेमाल और तय समय-सीमा (Timeline) के भीतर काम पूरा करना हर विभाग की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही के कारण प्रोजेक्ट लटकते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी।

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