Haryana School News: क्लास की चारदीवारी से निकलकर हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच रोमांच, प्रकृति और आत्मविश्वास का नया पाठ पढ़ने का सुनहरा मौका हरियाणा के 1500 मेधावी विद्यार्थियों को मिलने जा रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले ये छात्र-छात्राएं मनाली की बर्फीली वादियों में ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और रैपलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) की ओर से आयोजित यह ‘विंटर एडवेंचर एंड नेचर स्टडी कैंप’ 31 अक्टूबर से शुरू होकर 2 दिसंबर तक कुल पांच अलग-अलग बैचों में चलाया जाएगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए प्रदेशभर से 90 शिक्षक भी उनके साथ रवाना होंगे।
करनाल के 70 मेधावी भी जमाएंगे धाक, पंचकूला से रवाना होंगी टीमें
इस स्पेशल विंटर कैंप के लिए करनाल जिले के 70 होनहार विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 35 लड़के और 35 लड़कियां शामिल हैं। इनकी देखरेख और सुरक्षा के लिए दो पुरुष और दो महिला एस्कॉर्ट शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
चयन प्रक्रिया पूरी तरह से स्कूल प्रमुखों की सिफारिश, जिला परियोजना समन्वयक के सत्यापन, अभिभावकों की लिखित सहमति और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र के आधार पर की गई है। सभी प्रतिभागी पहले पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रिपोर्ट करेंगे, जहां से उन्हें बसों के जरिए मनाली के लिए रवाना किया जाएगा।
ट्रैकिंग से लेकर रागनी तक: पहाड़ों में निखरेगा व्यक्तित्व
कैंप का मुख्य उद्देश्य केवल साहसिक खेलों का रोमांच देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास को निखारना है। पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग और बाधा पार करने के कड़े अभ्यास कराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें हिमालय की समृद्ध संस्कृति, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और स्थानीय धरोहरों से भी रूबरू कराया जाएगा।
दिन की शुरुआत योग और ध्यान से होगी, जबकि शाम के वक्त कैंप फायर, लोक नृत्य और पारंपरिक रागनी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाने का खुला मंच मिलेगा।
यात्रा से लेकर टेंट तक का पूरा खर्च उठाएगी प्रदेश सरकार
सरकारी स्कूलों के इन होनहारों पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए हरियाणा सरकार और शिक्षा परिषद ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पंचकूला से मनाली आने-जाने, वहां टेंट व स्लीपिंग बैग की व्यवस्था, पौष्टिक भोजन और एडवेंचर गतिविधियों का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। यही नहीं, विद्यार्थियों को उनके गृह जिले से पंचकूला तक आने-जाने का साधारण बस किराया भी टीई बिल जमा कराने के बाद सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
पांच चरणों में शेड्यूल: जानें किस जिले की कब है बारी
परिषद ने पूरे कार्यक्रम को पांच व्यवस्थित बैचों में बांटा है। पहले बैच में हिसार, जींद और झज्जर के 282 विद्यार्थी 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक मनाली पहुंचे। दूसरे बैच में सोनीपत, भिवानी, अंबाला और फरीदाबाद के बच्चे 13 से 17 नवंबर तक रहेंगे। तीसरे बैच के तहत सिरसा, करनाल, रोहतक और कैथल के छात्र 18 से 22 नवंबर तक शिविर में हिस्सा लेंगे।
चौथे चरण में महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, रेवाड़ी, चरखी दादरी और यमुनानगर के विद्यार्थी 23 से 27 नवंबर तक मनाली की वादियों में होंगे। वहीं पांचवें और अंतिम बैच में नूंह, गुरुग्राम, पानीपत, कुरुक्षेत्र, पलवल और पंचकूला के विद्यार्थी 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
यह भी पढ़ें–Sirsa Roadways Strike: सिरसा में रोडवेज बसों का चक्का जाम, 100 से ज्यादा बसें ठप

